आग उगलती गर्मी में ‘सुशासन तिहार’ पर कांग्रेस का सवाल

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। नगर पालिक निगम रायगढ़ में 5 मई से प्रस्तावित “सुशासन तिहार” के तहत जन समस्या निवारण शिविरों के आयोजन को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव और नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने सवाल उठाया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि शासन-प्रशासन आम जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय शिविरों के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर लोगों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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निगम द्वारा जारी जानकारी में सामाजिक सहायता अंतर्गत विभिन्न पेंशन योजनाओं की जानकारी दी गई है, जिसमें वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन में केंद्र और राज्य दोनों के अंश का उल्लेख है। इसके अनुसार 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों को 500 रुपये केंद्र और 150 रुपये राज्य से, 60 से 79 वर्ष के वृद्धों को 300 रुपये केंद्र और 200 रुपये राज्य से, वहीं विधवा एवं दिव्यांग पेंशन में 300 रुपये केंद्र और 200 रुपये राज्य का प्रावधान है। लेकिन, सलीम नियरिया का आरोप है कि बीते करीब 6 महीनों से राज्य सरकार का हिस्सा हितग्राहियों के खातों में नहीं पहुंच रहा है। इससे हजारों जरूरतमंद लोग प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पहले भी शांतिपूर्वक आंदोलन कर चुकी है बावजूद इसके अबतक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कांग्रेस
जिला अध्यक्ष शाखा यादव व नेता प्रतिपक्ष नगर पालिक निगम रायगढ़ सलीम नियरिया के द्वारा कई सवाल किये हैं जिसमें क्या इस बार ‘महतारी वंदन योजना’ के नए फॉर्म भरे जाएंगे? क्या बिजली बिलों में हुई गड़बड़ी और अधिक बिल की समस्याओं का समाधान इन शिविरों में होगा? क्या भूमिहीन परिवारों को पट्टा देने की प्रक्रिया में तेजी आएगी? क्या सामान्य राशन कार्डों को निरस्त कर वास्तव में जरूरतमंदों के बीपीएल कार्ड बनाए जाएंगे? क्या पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की तरह बिजली बिल पर सब्सिडी मिलेगी?
वर्तमान समय में शहर में हल्की हवा और बारिश होने पर घंटो बिजली कट हो जाती है जबकि पूरा साल बिजली विभाग द्वारा प्रतिदिन मेंटेनेंस के नाम पर घंटो बिजली काटी जाती है। नतीजा शून्य ही रहता है, क्या इस पर सुधार होगा?
उन्होंने यह भी मुद्दा उठाया है कि कई योजनाओं से पात्र हितग्राही अभी भी सूची से बाहर हैं, जबकि अपात्र लोगों को लाभ मिल रहा है। उन्होंने पारदर्शिता और पुनः सर्वे की मांग की है, महिलाओं व जरूरतमंदों को लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कार्य शासकीय कार्यालयों में नियमित रूप से किए जाने चाहिए, उन्हें शिविर लगाकर किया जाना जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करने जैसा है। खासकर भीषण गर्मी के इस दौर में बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांगजन दूर-दराज से किराया खर्च कर शिविरों में पहुंचेंगे, घंटों धूप में इंतजार करेंगे, लेकिन इसके बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान होना तय नहीं है।

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शाखा यादव और सलीम नियारिया ने पूर्व में आयोजित शिविरों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पहले दिए गए आवेदनों का निराकरण आज तक नहीं हो पाया है। ऐसे में नए शिविर आयोजित करने का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई पात्र हितग्राही आज भी योजनाओं से वंचित हैं, जबकि अपात्र लोगों को लाभ मिल रहा है, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह लग रहा है। उन्होंने कहा कि विधवा, परित्यक्ता महिलाओं सहित गरीब और जरूरतमंद वर्गों को योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं मिल पा रहा है और शिविरों के माध्यम से केवल कागजी प्रक्रिया को बढ़ाया जा रहा है। यदि वास्तव में सुशासन देना है, तो विभागीय कार्यालयों में ही त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। सलीम नियरिया ने स्पष्ट किया कि यदि पेंशन सहित अन्य जनसमस्याओं का जल्द समाधान किया जाना चाहिए।

इन्होंने सुशासन का राग अलाप कर खुद की पीठ थपथपाने वाली भाजपा सरकार से अपील कर कहा है कि भीषण गर्मी में सुशासन तिहार के नाम पर शिविर लगाने के बजाय सरकारी दफ्तरों में ही समस्याओं का आवेदन लेना सुनिश्चित करे ताकि जनता अपनी सहूलियत के अनुसार सीधे सरकारी दफ्तरों में जाकर विधिसम्मत आवेदन कर निराकरण हेतु पहल कर सके। कांग्रेस का कहना है कि जगह-जगह शिविर लगाकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करना प्रशासन की विफलता को दर्शाता है राज्य के अनावश्यक वित्तीय भार को बढ़ाता है।

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