व्यापम के निर्देशों का कड़ाई से पालन, परीक्षा संचालन को लेकर अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
रायगढ़। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा 26 अप्रैल 2026 दिन रविवार को आयोजित होने वाली मंडी उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा 2026 के सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में आज सृजन कक्ष में परीक्षा संचालन से जुड़े केंद्राध्यक्षों, पर्यवेक्षकों एवं उड़नदस्ता दल के सदस्यों के लिए आवश्यक बैठक एवं प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसमें परीक्षा से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इस वर्ष परीक्षा के समय में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब परीक्षा सुबह 10ः00 बजे से प्रारंभ होकर दोपहर 12ः15 बजे तक संचालित होगी। अभ्यर्थियों के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि परीक्षा केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार सुबह 9ः30 बजे, यानी परीक्षा प्रारंभ होने से ठीक आधे घंटे पूर्व बंद कर दिए जाएंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय के बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी, इसलिए सभी परीक्षार्थी समय से पहले केंद्र पर पहुंचना सुनिश्चित करें। प्रशासन ने व्यापम द्वारा परीक्षार्थियों के लिए जारी प्रवेश पत्र में दिए गए दिशा निर्देशों पढ़ने और उन्हें पालन करने के लिए भी कहा है।
कलेक्टर ने प्रशिक्षण के दौरान सभी केंद्राध्यक्षों को निर्देशित किया कि परीक्षा व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही संपन्न कराई जाए। परीक्षा केंद्रों में प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी, इमरजेंसी लाइट, पेयजल एवं स्वच्छ शौचालय जैसी आवश्यक सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही परीक्षार्थियों के लिए अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान नोडल अधिकारी श्री धनराज मरकाम एवं मास्टर ट्रेनर गजेंद्र बनज ने केंद्राध्यक्षों को परीक्षा केंद्रों में बैठक व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और शौचालय व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही केंद्र के बाहर केंद्र क्रमांक, परीक्षा तिथि और समय का स्पष्ट प्रदर्शन करने के निर्देश दिए। परीक्षार्थियों के प्रवेश के दौरान मूल दस्तावेजों की जांच के लिए शिक्षकों की ड्यूटी लगाने तथा सुबह 9रू30 बजे मुख्य गेट बंद करते समय वीडियो ग्राफी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
इसके अलावा परीक्षा के दौरान प्रत्येक कक्ष में एक टेबल पर एक परीक्षार्थी बैठाने, इमरजेंसी लाइट की व्यवस्था रखने, परीक्षा समाप्ति के बाद गोपनीय सामग्री की सीलिंग कर निर्धारित समय सीमा में पर्यवेक्षक क्रमांक-1 को सौंपने तथा समन्वयक संस्था में जमा करने के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, उन्नति ठाकुर, डीएसपी एवं पुलिस नोडल अधिकारी, सहायक नोडल भुवनेश्वर पटेल सहित विभिन्न केंद्रों के केंद्राध्यक्ष, पर्यवेक्षक एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
स.क्र./120/गुलाब डड़सेना फोटो… 12 से 15 तक






