छराविमं पत्रोपाधि अभियंता संघ और तीनों पॉवर कंपनी के प्रबंध निदेशक के संग हुई अहम द्विपक्षीय वार्ता

by SUNIL NAMDEO
0 comments

प्रबंधन ने प्रमोशन कोटा बढ़ाने का दिया आश्वाशन

रायपुर (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर के तीनों कंपनी के प्रबंध निदेशकों के साथ छ. रा. वि. मं. डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन की  गत 1 अक्टूबर को कंपनी मुख्यालय डगनिया रायपुर में महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता सम्पन्न हुई। वार्ता में कंपनी प्रबंधन की ओर से ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक आरके शुक्ला, जनरेशन कंपनी के प्रबंध निदेशक एसके कटियार, डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक भीम सिंह कवर, कार्यपालक निदेशक संजय खंडेलवाल, मुख्य अभियंता पी. नामदेव, मुख्य अभियंता एसडी द्विवेदी, मुख्य अभियंता रश्मि वर्मा एवं कंपनी के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वार्ता में संघ की लंबित 10 सूत्रीय मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई।

rl
previous arrow
next arrow

     संघ की सबसे प्रमुख मांग सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति कोटा 70% बहाल करना है, जिस पर संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर श्रीकांत बड़गैंया ने कंपनी प्रबंधन को सभी तथ्यों के साथ बताया कि प्रमोशन कोटा 70% से 40% करने से सहायक अभियंता के पदोन्नति का पद कम होने से कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर होने वाली पदोन्नति रुक गईं है, डिस्ट्रीब्यूशन एवं जनरेशन कंपनी में 13 से 17 वर्षों से अधिक समय से कार्यरत कनिष्ठ अभियंता को सहायक अभियंता बनने में 12 से 15 वर्ष का अतिरिक्त समय लगेगा । प्रमोशन कोटा घटने से सहायक अभियंता के पद अतिशेष हो गए हैं, जिनके समायोजन में ही 12 से 15 वर्ष लग जाएंगे। आज 90% से अधिक कनिष्ठ अभियंता इंजीनियरिंग डिग्री, एमटेक और पीएचडी योग्यता प्राप्त हैं। जबकि राज्य शासन के ऊर्जा, पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभागों में यह कोटा 73% से 100% तक है। इस पर प्रबंधन ने बताया कि गत 24 सितंबर 2026 को इस विषय पर एक समिति गठित की गई है जो एक माह में रिपोर्ट देगी। संघ की मांग पर प्रबंधन ने समिति के समक्ष संघ का पक्ष सुनने पर सहमति दी है। संघ ने मांग की है कि कमेटी की रिपोर्ट के आने तक पूर्व नियम 70% प्रमोशन कोटा के अनुसार सहायक अभियंता पद पर पदोन्नति की जाए।

balaji
previous arrow
next arrow

                  अन्य प्रमुख मांगों पर भी चर्चा हुई। जैसाकि संघ ने तीनों कंपनियों में पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। प्रबंधन ने बताया कि इस पर राज्य शासन से संवाद जारी है और प्रकरण प्रक्रियाधीन है। 70% प्रमोशन कोटा के आधार पर रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति जारी करने और कनिष्ठ अभियंता से सहायक अभियंता पद पर विभागीय परीक्षा के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने की मांग की गई, जिसपर प्रबंधन ने शीघ्र भर्ती करने सहमति दी। जनरेशन कंपनी में मेंटेनेन्स विभाग में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता का सी ऑफ भुगतान को जारी करने की मांग रखी गई, जिसपर प्रबंधन द्वारा निदेशक मंडल के समक्ष रखकर निराकरण का आश्वासन दिया। कनिष्ठ अभियंता को सहायक अभियंता का उच्च वेतनमान मिलने पर अतिरिक्त वेतन वृद्धि नहीं मिलने की मांग रखी गई, विसंगति पर प्रबंधन ने निराकरण का आश्वासन दिया। सबडिवीजन प्रणाली से उपभोक्ताओं को हो रही परेशानी को देखते हुए 5 कि. वाट भार स्वीकृति करने और 5000 रु तक के बिलों का सुधार का अधिकार वितरण केंद्र में कनिष्ठ अभियंता को देने, 10,000 से अधिक उपभोक्ता वाले वितरण केंद्रों में तीन शिफ्ट में अतिरिक्त वाहन एवं श्रमिक देने की मांग पर प्रबंधन ने शीघ्र निर्णय का आश्वासन दिया। इसी तरह 2016 से लंबित विभिन्न भत्तों और 2018 से लंबित C-OFF राशि के पुनरीक्षण पर प्रबंधन ने परीक्षण कर सकारात्मक निर्णय का आश्वासन दिया। सहायक अभियंता की सीधी भर्ती में पूर्व की भांति कनिष्ठ अभियंता को 15% आरक्षण देने की मांग की गई। तकनीकी कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए नई भर्ती और उत्पादन कंपनी में PLF आधारित इंसेंटिव पुनः शुरू करने की मांग पर भी सकारात्मक चर्चा हुई।

          वार्ता में प्रांतीय अध्यक्ष श्रीकांत बड़गैंया, महासचिव दीपक कुमार निकुंज, संरक्षक बीबी जायसवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक शर्मा, अति. महासचिव नितिन वर्मा, कोषाध्यक्ष पीएल माहेश्वरी, संगठन सचिव राजेंद्र गिरी गोस्वामी, प्रांतीय विधि सचिव अमीर उल्लाह खान, चंद्रेश पाटकर, कार्यालय सचिव अभिजीत मावलंकर, संयुक्त सचिव शिवराज देवांगन, सचिव सत्येंद्र श्रीवास्तव सहित संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। लंबित मांगों के निराकरण नहीं होने की स्थिति में संघ द्वारा निर्धारित चरणबद्ध आंदोलन के तहत 6 अक्टूबर को एक दिवसीय सामूहिक अवकाश और 21 अक्टूबर से अनिश्चित कालीन आंदोलन किया जाना प्रस्तावित है। प्रेस को यह जानकारी मीटिंग में सम्मिलित संघ के प्रांतीय पदाधिकारी इंजीनियर अमीरउल्लाह खान ने दी।

Related Posts