अभाविप ने शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में यूटीडी कैंपस की मांग को लेकर कुलपति को सौंपा ज्ञापन

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय में यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (UTD) कैंपस की स्थापना को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद रायगढ़ इकाई ने अपनी आवाज बुलंद की है। इस संबंध में विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलपति विनय चौहान से मुलाकात की और उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

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          ज्ञापन के माध्यम से कुलपति को अवगत कराया गया कि विश्वविद्यालय को बने लगभग 6 साल बीत चुके हैं। इसके अंतर्गत रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती और जांजगीर-चांपा जैसे 4 प्रमुख जिलों के सैकड़ों कॉलेज जुड़े हुए हैं, जहाँ हजारों छात्र-छात्राएं अपनी उच्च शिक्षा की पढ़ाई कर रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में छात्र होने के बावजूद अब तक यहाँ यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट कैंपस की शुरुआत नहीं हो पाई है, जो कि बेहद चिंता और खेद का विषय है। कैंपस न होने से छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएशन के सीमित विकल्पों से समझौता करना पड़ रहा है, और रिसर्च (Ph.D.) व नए अनुसंधानों के लिए अनुकूल माहौल नहीं मिल पा रहा है।

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                                       इस पूरे मामले पर छात्रहित को सर्वोपरि रखते हुए कुलपति विनय चौहान ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने परिषद के पदाधिकारियों और छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर बात कही कि वे जल्द से जल्द यूनिवर्सिटी (UTD) कैंपस को धरातल पर लाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे और इसके लिए जो भी जरूरी प्रशासनिक व वित्तीय प्रक्रियाएं हैं, उन्हें तेजी से पूरा कराया जाएगा।
      अभाविप की नगर मंत्री रुचि मिश्रा ने बताया कि किसी भी विश्वविद्यालय की असली पहचान सिर्फ परीक्षाएं आयोजित कराने से नहीं, बल्कि उत्कृष्ट शिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार के केंद्र के रूप में होती है। आज UTD कैंपस के अभाव में स्थानीय और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा व शोध संबंधी सुविधाओं के लिए अन्य बड़े शहरों के संस्थानों पर निर्भर होना पड़ता है, जिससे उनके समय, धन और अवसरों की भारी हानि होती है। अंचल के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अधिकार यहीं मिलना चाहिए, इसलिए यदि इस महत्वपूर्ण विषय पर समयबद्ध व सकारात्मक पहल नहीं की जाती है तो छात्रहित में लोकतांत्रिक व चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।

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