राजधानी में पेंशनर्स ने कहा – “दोहरी नीति बंद करो, पेंशनरों को उनका अधिकार दो”

by SUNIL NAMDEO
0 comments

प्रथम प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में रायगढ़ से भी शामिल हुए प्रतिनिधि

रायपुर (सृजन न्यूज)। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रथम प्रांतीय कार्यसमिति की भव्य बैठक गत 20 मई को मधुपिल्ले चौक, शांतिनगर स्थित विमतारा भवन रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी, राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं कार्यसमिति सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस बैठक में रायगढ़ जिले के प्रतिनिधि के रूप में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला रायगढ़ के अध्यक्ष अभय शंकर गौरहा तथा प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य सुहास लाम्बट शामिल रहे।
                       कार्यक्रम का शुभारंभ महासंघ के संरक्षक और आजीवन सदस्य, पूर्व बीजापुर कलेक्टर सेवानिवृत्त आईएएस अनुराग पाण्डेय ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया। उन्होंने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ में राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ कार्य करने वाला ऐसा संगठन बन चुका है, जिसने ईमानदारी, अनुशासन एवं निष्ठा के आधार पर अलग पहचान स्थापित की है। आज प्रदेश का पेंशनर समाज महासंघ के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा, क्योंकि यही संगठन पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष करने की क्षमता रखता है। उन्होंने सभी पेंशनरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मितव्ययता संदेश का पालन करने का भी आव्हान किया।

balaj
previous arrow
next arrow

            प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने महासंघ की सदस्य संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक होने पर सभी पदाधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने संगठन के उद्देश्य, कार्ययोजना और आगामी कार्यक्रमों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए 3 अगस्त स्थापना दिवस तथा 17 दिसंबर राष्ट्रीय पेंशनर दिवस को पूरे उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाने का आव्हान किया। उन्होंने पेंशनरों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया। बैठक में बिलासपुर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने आगामी प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक सितंबर में बिलासपुर में आयोजित करने की सहमति प्रदान की, जिसका सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

ideal
previous arrow
next arrow

       कार्यसमिति की बैठक में महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष द्रौपदी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीके वर्मा, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जेपी मिश्रा, उच्च शिक्षा पेंशनर कल्याण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ. महेश चंद्र शर्मा, विश्वविद्यालय पेंशनर कल्याण प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक एनके चौबे, विधि सलाहकार एडवोकेट पूरनसिंह, राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एस.सी. श्रीवास्तव, पी.आर. साहू, कार्यालय मंत्री अनिल पाठक, संभागीय अध्यक्ष बिलासपुर राजेंद्र कश्यप, संभागीय अध्यक्ष सरगुजा गुरुचरण सिंह, अवधराम धृतलहरे सहित अनेक पदाधिकारियों ने पेंशनर्स हितों एवं संगठन विस्तार को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने करते हुए महासंघ के प्रतीक चिन्ह (लोगो) की महत्ता पर प्रकाश डाला। संगठन मंत्री टी.पी सिंह ने संगठन गीत का सामूहिक गायन कराते हुए जिला बैठकों की शुरुआत भारतमाता आराधना गीत से करने का आग्रह किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में योगदान के लिए सबके प्रति आभार प्रदर्शन महामंत्री अनिल गोल्हानी ने किया। बैठक के अंत में महासंघ के 13 दिवंगत पदाधिकारियों एवं सदस्यों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया तथा राष्ट्रगान “जन-गण-मन” के गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव –

बैठक में पेंशनरों की विभिन्न लंबित मांगों एवं समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें प्रमुख रूप से राज्य सेवा के पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों को केंद्र के समान 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई राहत (डीआर) देने, पेंशन मामलों में दोहरी नीति समाप्त करने, 88 माह के बकाया डीआर एरियर के अंतरिम भुगतान, धारा 49(6) की बाध्यता समाप्त करने, “न मांग न जांच” प्रमाणपत्र समय पर जारी करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने, हाईकोर्ट के निर्देश के परिपालन में दैनिक वेतन भोगी की संपूर्ण सेवा को पेंशन गणना में शामिल करने तथा छठवें वर्तमान और सातवें वेतन मान का 36 महीने और 32 महीने का एरियर भुगतान करने, 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृद्धि, पेंशन कल्याण मंडल का पुनर्गठन, वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा में रियायत, कम्यूटेशन वसूली अवधि घटाने, सेवानिवृत्ति के दिन सभी भुगतान सुनिश्चित करने, आधिक्य वसूली पर रोक, पृथक पेंशन सुविधा केंद्रों की स्थापना, सभी जिला और संभाग मुख्यालय में पेंशन कार्यालय की स्थापना, वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंडल का गठन तथा पेंशनरों के निधन पर परिजनों को 25 हजार रुपये की एग्रेसिया सहायता राशि प्रदान करने जैसी मांगें शामिल हैं। महासंघ ने स्पष्ट कहा कि पेंशनरों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।

Related Posts