12 वर्ष मोदी सरकार के पूर्ण होने पर बीजेपी कर रही जनसंपर्क अभियान
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के जनकल्याणकारी 12 वर्ष पूर्ण होने पर भाजपा द्वारा देशव्यापी स्तर पर विभिन्न कार्यक्रमों एवं जनसंपर्क अभियानों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में “साहित्यिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के विशिष्ट जनसंपर्क अभियान” के अंतर्गत भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ छत्तीसगढ़ प्रदेश संयोजक अनुपम पाल ने प्रदेश के विभिन्न साहित्यकारों, कलाकारों, लोकगायकों, शिक्षाविदों, सांस्कृतिक विभूतियों से उनके निवास एवं कार्यस्थलों पर जाकर आत्मीय भेंट करते हुए उन्हें सम्मानित किया।
इस अवसर पर अनुपम पाल ने देश और समाज के निर्माण में साहित्य, संस्कृति एवं लोककलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत चर्चा की तथा विभिन्न विभूतियों के अनुभवों, सुझावों और विचारों को आत्मीयता के साथ सुना। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराएं हमारी राष्ट्रीय पहचान की आधारशिला हैं और इनका संरक्षण एवं संवर्धन राष्ट्र निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। वहीं, अनुपम पाल ने देश के प्रतिष्ठित लोक कलाकार एवं पद्मश्री सम्मान से अलंकृत मदन चौहान से सौजन्य भेंट कर उनके सांस्कृतिक योगदान की सराहना की। इसके साथ ही प्रसिद्ध कबीर भजन गायक एवं पद्मश्री सम्मानित सारथी बंधु से मुलाकात कर भारतीय संत परंपरा व लोकसंगीत के संरक्षण पर चर्चा की गई। इस अभियान के तहत राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त निर्देशक मनोज वर्मा से भारतीय सिनेमा एवं क्षेत्रीय फिल्मों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार पर विचार-विमर्श किया गया। वहीं आविष्कार इलेक्ट्रॉनिक के प्रोड्यूसर संजय अग्रवाल से आधुनिक मीडिया और तकनीक के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के विषय पर चर्चा हुई।
अनुपम पाल ने आर्य गुरुकुल आश्रम, पुसौर के आचार्य राकेश कुमार से भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कार और वैदिक परंपराओं के संरक्षण को लेकर संवाद किया। इसी प्रकार रायगढ़ के प्रसिद्ध तबला गुरु निमाईचरण पंडा से भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा एवं युवा पीढ़ी में संगीत शिक्षा के विस्तार पर विचार साझा किए गए। इस दौरान गीतकार एवं संपादक अमित प्रधान, नाट्य गुरु नेतराम यादव, ग्राम विश्वनाथपाली और महापल्ली के रामायणी दल, रायपुर की सुप्रसिद्ध जसगीत गायन संस्था सिद्धेश्वरी महिला भजन मंडली तथा डंडा चाचा दल के सदस्यों से भी भेंट कर उनके योगदान की सराहना की। इसके अलावे सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के व्याख्याता एवं साहित्यकार डॉ. बिहारी लाल साहू तथा साहित्यकार एवं अनुवादक त्रिलोचन पटेल से भी सौजन्य मुलाकात कर साहित्य की वर्तमान स्थिति, क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने के विषय पर सार्थक चर्चा की गई।







