जनदर्शन में लिबरा को आबादी क्षेत्र घोषित कर पट्टा दिलाने की उठी मांग
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आवेदकों से उनकी समस्याओं की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा में शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनदर्शन में रायगढ़ निवासी अशोक अग्रवाल ने अटल आवास, कोतरा रोड स्थित लिफ्ट की मरम्मत कराने के संबंध में आवेदन दिया। उन्होंने बताया कि लिफ्ट पिछले करीब 6-7 माह से खराब है, जिसके कारण वहां निवासरत लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को कई मंजिल सीढ़ियों से चढ़ना-उतरना पड़ रहा है। उन्होंने लिफ्ट की शीघ्र मरम्मत कराने का आग्रह किया।
इसी प्रकार ग्राम लिबरा के ग्रामीणों ने अपने रहवासी क्षेत्र को आबादी क्षेत्र घोषित कर आबादी पट्टा प्रदान करने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत लिबरा के कुधरीपारा मोहल्ले में वे और उनके पूर्वज पिछले 60-70 वर्षों से निवास करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक क्षेत्र को आबादी क्षेत्र घोषित नहीं किया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से आवश्यक कार्रवाई करते हुए आबादी पट्टा दिलाने का अनुरोध किया। ग्राम पंचायत जकेला के सरपंच ने प्राथमिक शाला भवन की जर्जर स्थिति को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि स्कूल भवन की छत सहित भवन का बड़ा हिस्सा जर्जर हो चुका है, जिससे बच्चों के अध्ययन-अध्यापन में परेशानी हो रही है। उन्होंने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन की मरम्मत अथवा आवश्यक निर्माण कार्य कराने की मांग की।
वहीं ग्राम पंचायत बर्रा की गीता महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने रेडी टू ईट फूड निर्माण का कार्य पुनः दिलाने की मांग को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया। महिलाओं ने बताया कि समूह द्वारा वर्ष 2022 से लगातार रेडी टू ईट का कार्य किया जा रहा था, लेकिन वर्तमान में उनसे यह कार्य ले लिया गया है। उन्होंने समूह को पुनः कार्य प्रदान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई का आग्रह किया। इसी प्रकार जनदर्शन में विभिन्न इलाकों से लोग अपनी मांगों एवं शिकायतों से संबंधी आवेदन लेकर पहुंचे थे। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने सभी आवेदकों की बात सुनते हुए संबंधित विभागीय अफसरों को प्रत्येक प्रकरण का नियमानुसार परीक्षण कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।








