Decarbonizing the Indian Steel & Mining” पर हुआ मंथन, उद्योग जगत के दिग्गज एक मंच पर

रायपुर (सृजन न्यूज)। भारत को 2070 तक “नेट-जीरो” बनाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए आज नवा रायपुर में CII Eastern Region द्वारा 5th Edition of the CII Green Steel & Mining Summit 2026 का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच पर रायगढ़ विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री ओपी चौधरी विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने “Decarbonizing the Indian Steel & Mining” यानी “भारतीय इस्पात और खन क्षेत्र का कार्बन मुक्तिकरण” विषय पर अपने विचार साझा किए।
समिट को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा इस्पात उद्योग अब सिर्फ उत्पादन नहीं, जिम्मेदारी भी है। भारत के विकास की रीढ़ इस्पात और खनन है। लेकिन अब समय आ गया है कि हम विकास के साथ पर्यावरण की भी रक्षा करें। ग्रीन स्टील और ग्रीन माइनिंग ही आने वाले 20 सालों की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, जो देश का इस्पात और खनिज हब है, इस बदलाव में सबसे अहम भूमिका निभाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों को हरित तकनीक अपनाने के लिए हर संभव सहयोग देगी। कार्बन उत्सर्जन कम करना अब विकल्प नहीं, बल्कि अनिवार्यता है। CII के इस शिखर सम्मेलन में देश भर के इस्पात, खनन और ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष उद्योगपति, विशेषज्ञ, नीति निर्माता और शोधकर्ता एकत्र हुए। समिट में ऊर्जा दक्षता, हाइड्रोजन आधारित इस्पात उत्पादन, कार्बन कैप्चर तकनीक और खनन में सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के इस्पात क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और पर्यावरण अनुकूल बनाना है।
श्री चौधरी ने आगे कहा कि पूरे छत्तीसगढ़ में इस्पात उद्योग की जड़ें बहुत गहरी हैं। यदि हम यहां ग्रीन टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देते हैं, तो न सिर्फ पर्यावरण बचेगा बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे सरकार के साथ मिलकर विकसित भारत और ग्रीन भारत दोनों के लक्ष्य को एक साथ प्राप्त करने के लिए काम करें।







