वित्त मंत्री ओपी ने बताई छत्तीसगढ़ की नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी की ताकत
रायपुर (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ में उद्योगों को लेकर भाजपा सरकार ने सोच की नई अवधारणा स्थापित की है। प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2024-2030 को लेकर यह बात एक आयोजन के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु लदेव साय के निर्देश पर वित्त विभाग और उद्योग विभाग ने मिलकर दिन-रात मेहनत कर ऐसी पॉलिसी बनाई है जिसके तहत सब्सिडी का आधार निवेश की राशि नहीं, बल्कि उद्योगों में मिलने वाले रोजगारों की संख्या होगी। सीधे तौर पर जो उद्योग छग के जितने अधिक युवाओं को रोजगार देंगे उन्हें उतनी अधिक सब्सिडी मिलेगी।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने पहले की इंडस्ट्रियल पॉलिसी और नई पॉलिसी का अंतर बताते हुए कहा पहले सब्सिडी का आधार इन्वेस्टमेंट राशि पर निर्भर था। 1000 करोड़ के निवेश 2000 करोड़ के निवेश पर अलग-अलग सब्सिडी मिलती थी। इस वजह से बड़े निवेशक सब्सिडी लाभ ले पाता थे, बड़ा निवेशक कितने लोगों को रोजगार दे रहा है इससे कोई सरोकार नहीं था। हमारी सरकार ने इसे पूरी तरह बदल दिया है। नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी 2024-30 के तहत हमने तय किया है कि 500 लोगों को रोजगार देने वाले की बजाय छग के 1000 लोगों को रोजगार देने वाले को अधिक सब्सिडी मिलेगी।
सब्सिडी और छूट का पूरा आधार रोजगार सृजन को बनाया गया है। कितना निवेश है, उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि आप छत्तीसगढ़ के कितने बेटे-बेटियों को नौकरी दे रहे हैं। ओपी चौधरी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने युवाओं को रोजगार देने के लिए एक शानदार योजना लाई है, जिसमें नए लोगों को रोजगार देने पर उनके EPF का पैसा और ट्रेनिंग का पैसा हर महीने रिम्बर्स होता है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने उसी पर टॉप-अप करते हुए अपनी पॉलिसी में और भी एक्स्ट्रा रिम्बर्समेंट का प्रावधान किया है। मतलब अगर कोई कंपनी छत्तीसगढ़ के युवा भाई-बहनों को रोजगार देती है तो उसे केंद्र से भी मदद मिलेगी और राज्य सरकार उस पर और अतिरिक्त प्रोत्साहन देगी। ताकि हमारे युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार मिल सके। मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया इसलिए सफल हो पा रही है क्योंकि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में वित्त विभाग ने ऐतिहासिक फैसला लिया। पहले जहाँ सब्सिडी का कुल बजट मात्र 200 करोड़ रुपये होता था, आज हमारी सरकार उसे बढ़ाकर 1000 करोड़ रुपये से भी ऊपर लेकर गई है। पांच गुना बजट बढ़ाने का साफ मतलब है – हम चाहते हैं कि उद्योग लगे तो छत्तीसगढ़ में छत्तीसगढ़ के युवा को ही नौकरी मिले। नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी इसी सोच का परिणाम है कि छत्तीसगढ़ अब निवेश का नहीं, रोजगार का हब बनेगा।




