पुराने और जर्जर नक्शों के नवीनीकरण के लिए 15 जुलाई से शुरू होगा अभियान

by SUNIL NAMDEO
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27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में 30 सितंबर तक चरणबद्ध होगा कार्य, कलेक्टर ने जारी किया रोस्टर

जशपुर (सृजन न्यूज)। जिले में भू-अभिलेखों को अद्यतन, व्यवस्थित एवं अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर रोहित व्यास ने वर्ष 2026-27 के लिए नक्शा नवीनीकरण रोस्टर कार्यक्रम जारी किया है। इसके तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक जिले के सभी तहसीलों के चयनित राजस्व निरीक्षक मंडलों में पुराने एवं जर्जर नक्शों का नवीनीकरण किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा विस्तृत आदेश जारी करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।

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214 राजस्व ग्रामों के नक्शों का होगा नवीनीकरण-

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जारी रोस्टर के अनुसार जिले के 27 राजस्व निरीक्षक मंडलों में अभियान संचालित किया जाएगा। इस दौरान 766 राजस्व ग्रामों की कुल 2456 नक्शा शीटों का परीक्षण किया जाएगा, जिनमें 214 जर्जर ग्रामों की 710 नक्शा शीटों का नवीनीकरण किया जाएगा। अभियान के लिए प्रत्येक राजस्व निरीक्षक मंडल का अलग-अलग रोस्टर एवं समय-सीमा निर्धारित की गई है।

चरणबद्ध तरीके से होगा अभियान का संचालन-

रोस्टर के अनुसार 15 जुलाई से 21 जुलाई तक मनोरा एवं आस्ता राजस्व निरीक्षक मंडलों में नक्शा नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 22 जुलाई से 28 जुलाई तक जशपुर एवं लोदाम मंडलों में अभियान संचालित होगा। 29 जुलाई से 4 अगस्त तक आरा एवं कुनकुरी, 5 अगस्त से 11 अगस्त तक नारायणपुर एवं गोरिया, तथा 12 अगस्त से 18 अगस्त तक दुलदुला एवं सिमड़ा राजस्व निरीक्षक मंडलों में नक्शा नवीनीकरण किया जाएगा। इसके बाद 19 अगस्त से 25 अगस्त तक फरसाबहार, तपकरा एवं कोल्हेनझरिया, 26 अगस्त से 1 सितंबर तक बगीचा, बिमड़ा, कुर्रोग एवं सरबकोम्बो, 2 सितंबर से 8 सितंबर तक सन्ना, पंडरापाठ एवं कांसाबेल, 9 सितंबर से 15 सितंबर तक दोकड़ा, पत्थलगांव एवं केराकछार, 16 सितंबर से 22 सितंबर तक तमता एवं लुड़ेग तथा अंतिम चरण में 23 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक बागबहार एवं कोतबा राजस्व निरीक्षक मंडलों में नक्शा नवीनीकरण का कार्य किया जाएगा।

समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश –

कलेक्टर श्री व्यास ने सभी संबंधित राजस्व निरीक्षक एवं पटवारियों को निर्धारित रोस्टर के अनुसार कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट निर्धारित प्रपत्रों में जिला कार्यालय के माध्यम से कार्यालय आयुक्त, भू-अभिलेख, छत्तीसगढ़ को प्रेषित सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए है। नक्शा नवीनीकरण के दौरान अभिलेखों की शुद्धता, पारदर्शिता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

नियमित निगरानी और पर्यवेक्षण रहेगा –

नक्शा नवीनीकरण कार्य के लिए सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख को पर्यवेक्षण अधिकारी नियुक्त किया गया है। उनके प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण में संपूर्ण अभियान संचालित होगा। साथ ही संबंधित पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे नक्शों में आवश्यक संशोधन नियमानुसार दर्ज करते हुए सभी अभिलेखों का विधिवत संधारण करें। यह अभियान भू-अभिलेखों के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे भूमि अभिलेख अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनेंगे तथा भविष्य में सीमांकन, नामांतरण, भू-अभिलेख सुधार एवं अन्य राजस्व संबंधी कार्यों का त्वरित एवं सुगम निष्पादन सुनिश्चित हो सकेगा।

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