नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की… भक्ति में निहाल होकर झूमे श्रद्धालु

by SUNIL NAMDEO
0 comments

रायगढ़ के गौरीशंकर मंदिर और अंचल में कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व की मची धूम

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की अर्द्धरात्रि, जब रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का दिव्य अवतार हुआ था, उस अलौकिक घड़ी को याद कर आज पूरा रायगढ़ कृष्णमय हो गया है। “नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की, हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के गगनभेदी जयकारों से शहर का कोना-कोना गुंजायमान है। मंदिरों में फूल बंगले सजे हैं, झालरों की रोशनी से रातें दिन में बदल गई हैं और भक्तों के हृदय में नंदलाल के दर्शन की आतुरता है। धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश के लिए जन्मे योगेश्वर श्रीकृष्ण का यह जन्मोत्सव हर भक्त के लिए आस्था, प्रेम और पुण्य का संगम है।

rl
previous arrow
next arrow

स्वचालित झांकियों ने मोहा मन – शहर के हृदय स्थल गौरीशंकर मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। 75 वर्षों से चल रहे ऐतिहासिक झूलाउत्सव में स्वचालित मनोहारी झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हैं। वहीं सुरक्षा के लिए बैरिकेट्स, सीसीटीवी और पुलिस व्यवस्था चाक-चौबंद है।

balaji
previous arrow
next arrow

शुभ मुहूर्त – अर्द्धरात्रि 12 बजे पवित्र मंत्र – ॐ नमो भगवते वासुदेवाय के साथ गौरीशंकर मंदिर में 56 भोग, माखन-मिश्री, पंजरी व खीरे का महाप्रसाद अर्पित कर और फूलों की वर्षा कर श्री कान्हा का जन्मदिन मनाया गया।

माखन-मिश्री से सजा कान्हा का दरबार – ठीक अर्द्धरात्रि 12 बजे जैसे ही शंखनाद के साथ भगवान के जन्म की घोषणा हुई, पूरा मंदिर परिसर नंद घर आनंद भयो के जयकारों से गूंज उठा। भगवान श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, 56 भोग अर्पित कर महाआरती की गई। इस दौरान भक्तों पर फूलों की वर्षा की गई, जिससे पूरा वातावरण वृंदावन जैसा दिव्य हो गया। श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य को देख भाव-विभोर हो उठे।

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ – कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व की खुशी में दर्शन पूजन करने दूर दराज से हजारों की संख्या में श्रद्धालुगण पहुंचे। देश प्रसिद्ध गौरीशंकर मंदिर में सुबह से रात बारह बजे तक हजारों श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रही।वहीं मंदिर परिसर में लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस के जवान सजग नज़र आए। सीसीटीवी कैमरे के साथ विशेष निगरानी की जा रही है। वहीं दर्शन पूजन के लिए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग से बैरिकेट्स बनाए गए हैं ताकि किसी भी श्रद्धालुओं को दिक्कतें न हो।

कृष्णमय हुआ रायगढ़ – ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिरों में गूंजने लगे शंख, घंटा और जय कन्हैया लाल की के जयकारे शहर के गौरीशंकर, श्याम बगीची सहित सभी मंदिरों में आकर्षक विद्युत सज्जा और फूल बंगले से सजाया गया। घर-घर में सजे लड्डू गोपाल, महिलाओं ने रखा व्रत और किया कृष्ण भगवान का अभिषेक वहीं मथुरा-वृंदावन जैसा बना रायगढ़ का नजारा रहा गली-गली में बजी  बांसुरी और घंटी की धुन। बाजारों में माखन-मिश्री, बांसुरी और कान्हा के श्रृंगार की जमकर खरीदारी हुई। बच्चों ने भी कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व को उत्साह के साथ मनाया। जगह-जगह भंडारा, शरबत और प्रसाद वितरण से सेवा भाव का पवित्र नजारा। और देर रात तक भजन-कीर्तन और झांकियों के दर्शन को उमड़ा रहा जनसैलाब और हजारों श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक एवं यादगार ढंग से मनाया श्री कृष्ण जन्माष्टमी महापर्व।

भजन-कीर्तन में रमे रहे भक्त – कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिरों में देर रात तक भजन-कीर्तन मंडलियों द्वारा मधुर संकीर्तन चलता रहा। “राधे-राधे”, “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो” जैसे भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आए। श्याम बगीची में विशेष भजन संध्या का आयोजन किया गया, जहां भजन गायकों ने अपनी प्रस्तुति से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महाभंडारा और प्रसाद वितरण – कान्हा के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर सामाजिक संस्थाओं द्वारा जगह-जगह विशाल महाभंडारे का आयोजन किया गया। गौरीशंकर मंदिर परिसर के समीप भी हजारों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क प्रसाद, खिचड़ी, पूड़ी-सब्जी और शरबत की व्यवस्था की गई। सुबह से देर रात तक हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

Related Posts