टाटा पावर को बिजली वितरण लाइसेंस देने के खिलाफ जनता यूनियन ने खोला मोर्चा

by SUNIL NAMDEO
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आयोग में चल रही प्रक्रिया रद्द करने की उठी मांग

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपे जाने के प्रस्ताव के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है।
टाटा पावर द्वारा रायपुर, धरसीवा, मंदिर हसौद और अभनपुर तहसील क्षेत्रों में विद्युत वितरण का कार्य करने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद यूनियन ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

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          इस मामले में 1 अक्टूबर को जनसुनवाई प्रस्तावित है। विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय सचिव रितेश कुमार नागेश रायगढ़ क्षेत्र ने कहा कि विद्युत वितरण जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण एवं जनहित से जुड़ी सेवा को निजी कंपनी के हाथों में देना उचित नहीं है। बिजली केवल व्यापारिक वस्तु नहीं बल्कि आम जनता किसानों,गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों तथा छोटे-बड़े उद्योगों की मूलभूत आवश्यकता है। छग की प्रदेश की विद्युत वितरण व्यवस्था अभी सार्वजनिक क्षेत्र के माध्यम से संचालित हो रही है। निजी कंपनी को वितरण लाइसेंस देने से भविष्य में उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने तथा लाभ को प्राथमिकता मिलने की आशंका है। इससे ग्रामीण एवं कम आय वाले क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है।

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रितेश नागेश ने आगे कहा कि विद्युत वितरण व्यवस्था में कार्यरत कर्मचारी-अधिकारियों के हितों की भी अनदेखी नहीं की जा सकती है। निजीकरण की स्थिति में कर्मचारियों की सेवा शर्तों, रोजगार सुरक्षा, पदोन्नति, सामाजिक सुरक्षा व भविष्य की सेवा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। यदि विद्युत वितरण व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है तो सरकार विद्युत कंपनियों को तकनीकी आधुनिकीकरण, बेहतर प्रबंधन, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं में सुधार तथा आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए। ना कि सार्वजनिक विद्युत व्यवस्था को कमजोर कर निजी कंपनी को सौंपना इसका समाधान नहीं है।

विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग से मांग की है कि टाटा पावर के प्रस्ताव पर व्यापक जनहित उपभोक्ताओं के हिट तथा विद्युत कर्मचारियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए पुनर्विचार किया जाए और विद्युत वितरण लाइसेंस देने की प्रक्रिया को निरस्त किया जाए। यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया है कि विद्युत वितरण व्यवस्था के निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन रायगढ़ क्षेत्र कर्मचारीयों व उपभोक्ताओं के हित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।

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