रेडियो की विरासत और जनसंपर्क की भूमिका को किया गया रेखांकित
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। आकाशवाणी के 90 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रविवार को रायगढ़ में आयोजित वॉकेथॉन रैली में जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। प्रातः 9 बजे आकाशवाणी रायगढ़ परिसर से शुरू हुई यह रैली डिग्री कॉलेज चौक और रोज गार्डन होते हुए पुनः परिसर में संपन्न हुई। बच्चे, युवा, बुजुर्ग, रेडियो श्रोता संघ के सदस्य सहित विभिन्न वर्गों के 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया। रैली के दौरान प्रतिभागियों में विशेष जोश देखने को मिला। “आकाशवाणी अमर रहे” के नारों के साथ लोग कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते नजर आए। पूरे आयोजन में उत्साह, उमंग और एकजुटता का अद्भुत संगम दिखाई दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली, सामाजिक जागरूकता और जनसंपर्क को बढ़ावा देना रहा।
आकाशवाणी के 90 वर्षों की गौरवशाली यात्रा को समर्पित इस कार्यक्रम में रेडियो की सामाजिक भूमिका और जनसंचार में उसकी प्रासंगिकता पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने आकाशवाणी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल युग में भी रेडियो आज लोगों के दिलों से गहराई से जुड़ा हुआ है। कार्यक्रम प्रमुख रवि आनंद ने बताया कि “आकाशवाणी एट 90” कार्यक्रम जून 2025 से शुरू होकर एक वर्ष तक चला, जिसमें रेडियो की ऐतिहासिक यात्रा और इसकी बदलती भूमिका को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर पूर्व कार्यक्रम अधिशासी नीरज प्रभाकर ने रेडियो की शुरुआत और उसके विकास की विस्तृत जानकारी दी, वहीं नोडल अधिकारी भूपत सिंह ध्रुव ने प्रसारण के उतार-चढ़ाव पर प्रकाश डाला। इस दौरान वरिष्ठ उद्घोषक गिरजा शंकर साहू, रिटायर्ड कृषि विकास अधिकारी आरएन साहू सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में चक्रधरनगर पुलिस का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में रेडियो श्रोता संघ की सक्रिय भागीदारी भी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वर्षों से आकाशवाणी से जुड़े श्रोताओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर इसकी गरिमा को और बढ़ाया। उनकी भागीदारी ने रेडियो और श्रोताओं के बीच मजबूत संबंध को एक बार फिर उजागर किया।
स्वास्थ्य शिविर में 35 लोगों ने कराई जांच
वॉकेथॉन रैली के साथ ही आकाशवाणी परिसर में स्वास्थ्य जांच शिविर में करीब 35 लोगों ने स्वास्थ्य जांच कराई। 25 से अधिक प्रतिभागियों के ब्लड सैंपल लिए गए, जिनमें सीबीसी और थायराइड जैसी जांच शामिल रही। जांच के बाद रिपोर्ट प्रतिभागियों को मोबाइल पर भेजी जाएगी तथा जरूरतमंदों को मौके पर ही दवा भी उपलब्ध कराई गई।








