रायगढ़ (सृजन न्यूज)। घरानेदार शिक्षा के लिए विश्व प्रसिद्ध और गायन वादन नृत्य की नगर की प्राचीन संस्था श्री वैष्णव संगीत महाविद्यालय राजापारा रायगढ़ ने अनुपम पहल करते हुए सांगीतिक “बैठकी” का प्रचलन प्रारंभ किया। महाराजा चक्रधर सिंह के दरबार के स्तंभ नृत्याचार्य स्व. पंडित फिरतु महाराज द्वारा स्थापित और पंडित राममूर्ति वैष्णव द्वारा पोषित तथा वर्तमान में गुरु शरद वैष्णव द्वारा संचालित संस्था ने प्राचीन परंपरा अनुसार कला रसिकों एवं वरिष्ठ गुरुओं की उपस्थिति में नृत्य संगीत के नवोदित व उभरते हुए कलाकारों की प्रतिभा साझा करने हेतु अर्धवार्षिक अथवा मासिक स्तर पर बैठकी कार्यक्रम का आयोजन प्रारंभ किया है।
यह मंच पूर्णतः सांस्कृतिक मंच है, जिसमें नृत्य संगीत की स्वस्थ परंपरा को ही शामिल किया जाता है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में शिक्षा ग्रहण करने की इच्छाशक्ति को बढ़ाना, मंचीय प्रस्तुति हेतु प्रेरित करना, प्रतिभा कौशल का विकास, सदैव अभ्यास में रहना, प्रदर्शन क्षमता को विकसित करना है। द्वितीय सोपान के रूप में बैठकी द्वितीय का शुभारंभ स्वास्तिक कश्यप के तबला वादन से प्रारंभ हुआ। द्वितीय प्रस्तुति के रूप में रूशिता पटेल शास्त्रीय गायन रहा। सबसे कम उम्र की गायिका को खूब पसंद किया गया। वहीं, मयूर मोटवानी के गजल की शानदार प्रस्तुति रही। मयूर ने मेहंदी हसन के रंजिश ही सही दिल ही दुखाने…की शानदार गायकी से समां बांधा।
अगली प्रस्तुति के रूप में महाविद्यालय के द्वितीय वर्ष की बाल नृत्यांगना कु. शैवी अवस्थी की एकल कथक प्रस्तुति ने सभी को अचंभित किया। पांचवी प्रस्तुति के रूप में नोविता कंवर की आकर्षक कथक प्रस्तुति रही। कार्यक्रम का समापन रिद्धिमा पांडेय के एकल कत्थक से हुआ जिसे खूब सराहा गया। इन सभी बाल और युवा कलाकारों ने गुरु शरद वैष्णव के पढ़त तथा निर्देशन, लालाराम लोनिया गायन एवं हारमोनियम संगत, दीपक साहू के तबला संगत में अपनी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में गुरु रोशनी वैष्णव (समन्वयक), जेनिफर जोसेफ (सहायक गुरु), निधि वाजपेई (सहायक गुरु), सहित कला प्रेमी के रूप में डॉ. शरद अवस्थी, डॉ. रोशन पटेल, सरिता पटेल, आशीष पांडेय, अमृता पांडेय, अजीत स्वाइन, डॉ. अंकिता अवस्थी, शिवकुमारी कवर, रोमी अग्रवाल, रीना अग्रवाल, पुष्पा कश्यप प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।








