गरीबों के राशन में चल रही नीति का हिसाब तक नहीं है सरकार के पास : शाखा यादव

by SUNIL NAMDEO
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कांग्रेस नेता ने कहा – चावल का आबंटन रुके तो पैसा देने की दरियादिली, शक्कर गायब हो तो मौन क्यों?

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अंत्योदय राशन कार्ड धारियों को पिछले करीब 5 माह से शक्कर नहीं मिलने के मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष शाखा यादव ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर तीखा व्यंग्य करते हुए कहा है कि सरकार गरीबों के राशन में भी ऐसी नीति चला रही है, जिसका हिसाब शायद सरकार के पास भी नहीं है।

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शाखा यादव ने कहा कि प्रदेश की राशन व्यवस्था का भी कमाल है। जब चावल का आबंटन नहीं आता, तब कई राशन दुकान संचालकों की ओर से हितग्राहियों को चावल के बदले पैसे देने का प्रस्ताव सामने आ जाता है। अब 4-5 महीने से शक्कर नहीं मिली है, तो सरकार और राशन दुकान संचालकों को शक्कर के बदले पैसे देने की वही दरियादिली क्यों नहीं दिखाई दे रही। प्रदेश में संचालित अधिकांश शासकीय राशन दुकानों के संचालकों के संबंध सत्तापक्ष से बताए जाते हैं। ऐसे में जब हितग्राहियों को चावल नहीं मिलता, तब यही संचालकों द्वारा हितग्राहियों को चावल के बदले पैसे देने की व्यवस्था का रास्ता खोज लिया जाता है। फिर शक्कर के मामले में यह व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती? क्या गरीब की थाली में चावल का मूल्य है और शक्कर का कोई मूल्य नहीं?

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   कांग्रेस नेता ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अंत्योदय कार्डधारियों को लंबित चार-पांच महीने की शक्कर तत्काल उपलब्ध कराई जाए। यदि शक्कर का आबंटन उपलब्ध नहीं है और सरकार शक्कर देने में असमर्थ है, तो उसके निर्धारित मूल्य के बराबर राशि हितग्राहियों को दी जाए। वहीं, गरीबों के राशन में भी सरकार दोहरा मापदंड अपनाना बंद करे। चावल के बदले पैसा देने का रास्ता दिखाई देता है तो शक्कर के बदले पैसा देने का रास्ता भी सरकार को दिखाई देना चाहिए। गरीब के हिस्से की शक्कर गायब हो जाए और सरकार की संवेदना भी गायब हो जाए, यह स्थिति स्वीकार नहीं की जा सकती।

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