सहारा इंडिया फ्रॉड कांड : 3 बरस से फरार रीजनल मैनेजर गिरफ्तार

by SUNIL NAMDEO
0 comments

रायगढ़ के कोतरा रोड में पकड़ाया विजय कुमार शराफ, कानून के प्रति निवेशकों का बढ़ा विश्वास

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। सहारा से बेसहारा हुए निवेशकों को लूटने वाले शातिरों की धरपकड़ मुहिम में पुलिस के हाथ फिर एक अहम कामयाबी लगी है। इसी क्रम में एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर कोतवाली पुलिस ने “ऑपरेशन क्लीन हंट” में बहुचर्चित सहारा इंडिया फ्रॉड मामले में 3 बरस से फरार रिजनल मैनेजर आरोपी विजय कुमार शराफ को कल कोतरा रोड से गिरफ्तार करते हुए रिमांड पर भेजा गया है। आरोपी करीब 3 साल से फरार था।

rl
previous arrow
next arrow

       जानकारी के मुताबिक शिकायतकर्ता विकास निगानिया निवासी कृष्णा विहार कालोनी रायगढ के आवेदन पर 29 सितंबर 2022 को थाना कोतवाली में सहारा इंडिया के स्थानीय शाखा प्रबंधक एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध धारा 420, 120 बी, 34 ताहि, धारा 6,10 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम, धारा 4,5,6 ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। शिकायतकर्ता के आवेदन अनुसार कबीर चौक सहारा इण्डिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक ओम प्रकाश शर्मा निवासी केलो विहार रायगढ़ के द्वारा सहारा इण्डिया की विश्वसनियता एवं निवेश प्रोग्राम के संबंध में विज्ञापन दिखाकर विश्वास दिलाया कि सहारा इण्डिया रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया के तहत निवेश व्यापार एवं वित्तीय व्यापार करने की अनुज्ञा है।

balaji
previous arrow
next arrow

                      सहारा इण्डिया रिजर्व बैंक के गाईडलाईन पर काम करता है इसमें रकम निवेश करने पर रकम की पूरी गारंटी है, बोलकर प्रलोभन देकर उससे व उसकी माता व पत्नी से वर्ष 2017 जून से सितंबर 2017 तक कुल 40 लाख रुपये जमा करायातत्कालीन शाखा प्रबंधक ओमप्रकाश शर्मा के द्वारा बड़े एमाउंट को लेने के संबंध में बड़े अधिकारी से मिलकर एक राय होकर छोटेछोटे प्रारुग में जमा करने को उत्प्रेरित कर जमा कराया तथा सहारा सोसायटी का फार्म जिसमें सहारा इण्डिया को लोगो बना है, दिखाया और विश्वास दिलाया कि पूरा पैसा सहारा इण्डिया में जमा हुआ है, विश्वास दिलाकर अनेक छपे हुये फार्म में हस्ताक्षर कराया तथा 40 लाख रुपये को कुल 182 छोटे छोटे टुकड़ो में जमा कराकर कुल 182 बॉड दिये।

       ओमप्रकाश शर्मा ने विश्वास दिलाया कि वह आपके हितों के रक्षा के लिये कंपनी पदस्थ किया गया है, बाद में सहारा इण्डिया के विरुद्ध कई न्यायालयों में मामला चलने का जानकारी प्राप्त हुआ तथा सहारा इण्डिया एवं सहारा सोसायटी से इनका कोई संबंध नही है, सहारा की सोसायटी सहारा इण्डिया के होलमार्क, लोगो, सील, मुहर और डिपॉजिट लेते समय लाभांश न दर्शाकर मैच्युरिटी एवं ब्याज जैसे शब्दों का प्रयोग कर धोखा दिया हैइस प्रकार अपराध में सहारा प्रमुख सुब्रतो राय, स्वपना राय, ओमप्रकाश श्रीवास्तव एवं अन्य भी पूरी तरह से संलिप्त है। सहारा इण्डिया द्वारा रायगढ़ जिले के हर तहसील एवं गांव में कार्यालय खोलकर लोगों से पैसा जमा कराया गया है. रिपोर्ट पर डायरेक्टर डीके अवस्थी, मैनेजर कुलदीप पाण्डेय, मैनेजर अमृत श्रीवास, मैनेजर एके चंद्रा एवं अन्य लोगो के विरुद्ध अपराध पाये जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

Related Posts