कलेक्टर ने दुग्ध उत्पादन, विपणन और पशुधन योजनाओं की समीक्षा; गौवंशीय के अवैध व्यापार पर निगरानी के लिए सूचनातंत्र मजबूत करने कड़े निर्देश
सारंगढ़–बिलाईगढ़ (सृजन न्यूज)। राज्य शासन की जिले में दुग्ध उत्पादन और डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने की नीति एवं मंशा के अनुरूप जिले में देवभोग दुग्ध संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाएगी। कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए। संयंत्र से दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन को स्थानीय स्तर पर बढ़ावा मिल सकेगा। इससे पशुपालकों को बाजार उपलब्ध कराने और डेयरी आधारित रोजगार के अवसर विकसित करने में मदद मिलेगी।
कलेक्टर ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में पशुधन विकास विभाग की योजनाओं और गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पशुपालन और डेयरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। विभाग ऐसी कार्ययोजना बनाए, जिससे स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को बाजार से जोड़ने के साथ युवाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए भी डेयरी से जुड़ी गतिविधियों के अवसर विकसित हों।
पशुधन विकास विभाग की योजनाओं की प्रगति संतोषप्रद नहीं पाए जाने पर कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति में तत्काल सुधार लाने और कार्यों में तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना चाहिए। मैदानी स्तर पर लापरवाही और कमजोर क्रियान्वयन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
देवभोग दुग्ध उत्पादों की उपलब्धता और बिक्री बढ़ाने के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में विक्रय केंद्र स्थापित करने तथा जिले के प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक केंद्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। आगामी राज्योत्सव में भी देवभोग उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय के निर्देश दिए। इन केंद्रों से स्थानीय स्तर पर दुग्ध उत्पादों की पहुंच और विपणन को बढ़ावा मिलेगा।








