ढिमरापुर रोड के उद्धार के लिए सड़क पर उतरी कांग्रेस

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। शहर के ढिमरापुर रोड की जर्जर स्थिति, गड्ढों और कीचड़ के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी तथा लगातार बढ़ रहे दुर्घटना के खतरे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने आज ढिमरापुर रोड पर धरना-प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने कुछ दिन पूर्व ही कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत और यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए 3 दिवस का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन समयावधि बीत जाने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा सड़क की स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

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                    धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष शाखा यादव ने कहा कि ढिमरापुर रोड की बदहाली किसी से छिपी नहीं है। इसी सड़क की खराब स्थिति के कारण एक महिला की दर्दनाक मौत हो चुकी है। इसके बावजूद प्रशासन का गंभीरता नहीं दिखाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कांग्रेस ने प्रशासन को 3 दिन का समय इसलिए दिया था कि जनता को तत्काल में राहत मिल सके, लेकिन प्रशासन ने गंभीरता से नहीं लिया। सड़क पर चलना लोगों की मजबूरी है, लेकिन उस मजबूरी को जान का जोखिम बना देना प्रशासन की लापरवाही है।

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       जिला कांग्रेस ग्रामीण अध्यक्ष नगेन्द्र नेगी ने कहा कि शासन-प्रशासन विकास के दावे करता है, लेकिन शहर की प्रमुख सड़कों की वास्तविक स्थिति उनकी पोल खोल रही है। ढिमरापुर रोड पर रोजाना बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है। सड़क के गड्ढे और कीचड़ दुर्घटनाओं को आमंत्रण दे रहे हैं। कांग्रेस आम जनता की सुरक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर चुप बैठने वाली नहीं है।

वहीं अनिल शुक्ला ने कहा कि करोड़ों रुपये की नई सड़क बनने की बात कही जा रही है, लेकिन जब तक नई सड़क बनकर तैयार नहीं होती, तब तक वर्तमान सड़क को सुरक्षित रखना प्रशासन का दायित्व है। कुछ लाख रुपये खर्च कर गड्ढों की मरम्मत और पानी-कीचड़ की निकासी की व्यवस्था की जा सकती है, लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। कांग्रेस का यह धरना किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं है गया, बल्कि यह राहगीरों की जान की सुरक्षा और सुविधापूर्ण आवागमन के लिए है।

कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि ढिमरापुर रोड के गड्ढों की तत्काल मरम्मत, कीचड़ एवं जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान तथा यातायात संचालन के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इसके बाद भी प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो कांग्रेस इस जनहित के मुद्दे को लेकर आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होगी।

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