शतरंज है एकाग्रता और धैर्य का खेल – देवेंद्र प्रताप सिंह

by SUNIL NAMDEO
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जिला वन-डे रैपिड शतरंज टूर्नामेंट में 164 प्रतिभागियों में गौरव श्री बेहरा बने अव्वल, खिलाड़ियों पर हुई ईनामों की बारिश

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। पीएम श्री नटवर हायर सेकेंडरी स्कूल, रायगढ़ में आयोजित जी.एच. रायसोनी मेमोरियल रायगढ़ जिला वन-डे रैपिड शतरंज टूर्नामेंट 2026 का समापन हुआ। जिला शतरंज संघ रायगढ़ द्वारा आयोजित प्रतियोगिता के समापन समारोह में राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित करते हुए खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

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        समारोह को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जिलेभर से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और खिलाड़ियों का शतरंज प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लेना रायगढ़ में खेल प्रतिभाओं की समृद्ध संभावनाओं को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि शतरंज केवल मनोरंजन का खेल नहीं है, बल्कि यह एकाग्रता, धैर्य, अनुशासन, रणनीति और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। उन्होंने कहा कि शतरंज की 64 खानों वाली बिसात में असंख्य संभावनाएं छिपी होती हैं। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यही है कि खिलाड़ी को प्रत्येक चाल आगे की कई संभावित चालों को ध्यान में रखकर चलनी पड़ती है। सांसद ने कहा कि शतरंज की हर चाल सोच-समझकर चलनी पड़ती है, बिल्कुल जीवन की तरह। जीवन में भी धैर्य, अनुशासन और सही समय पर सही निर्णय ही सफलता की कुंजी है।

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                                   राज्यसभा सांसद श्री सिंह ने शतरंज के ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि इस खेल की उत्पत्ति भारत में हुई और प्राचीन काल में इसे ‘चतुरंग’ के नाम से जाना जाता था। भारत से यह खेल दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचा और आज शतरंज विश्व के प्रमुख बौद्धिक खेलों में शामिल है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जीत और हार खेल का हिस्सा है। इसलिए प्रत्येक खिलाड़ी को अपने प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करते हुए खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास के माध्यम से खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बना सकते हैं।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को बढ़ावा देने और युवाओं में खेल संस्कृति विकसित करने की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। आज भारतीय खिलाड़ी विभिन्न खेल विधाओं में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शतरंज में डी. गुकेश के विश्व चैंपियन बनने से देश के युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि रायगढ़ और छत्तीसगढ़ की धरती से भी आने वाले समय में अनेक प्रतिभाशाली शतरंज खिलाड़ी निकलेंगे, जो राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाएंगे।

       प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले गौरव श्री बेहरा को सांसद ने विशेष रूप से बधाई दी। उन्होंने जिला, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके खिलाड़ियों की भी सराहना की और उन्हें लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रतियोगिता के प्रथम 100 खिलाड़ियों को पदक तथा विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार राशि एवं ट्रॉफी प्रदान किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने के साथ आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन के लिए जिला शतरंज संघ रायगढ़, जी.एच. रायसोनी फाउंडेशन, कल्पना प्रकाश वेलफेयर फाउंडेशन सहित सभी सहयोगी संस्थाओं और आयोजकों को बधाई एवं धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में गुरुपाल भल्ला, जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष अशोक पटेल, उपाध्यक्ष रमेश पाणी, डॉ. राघव चड्ढा सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ नागरिक, शिक्षक, अभिभावक तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।

गौरव श्री बेहरा आखिर क्यों हैं यूनिक
नटवर स्कूल रायगढ़ में आयोजित जीएच राइसोनी मेमोरियल चैस टूर्नामेंट में कक्षा 10वीं, संत माइकल स्कूल रायगढ़ के छात्र गौरव श्री बेहरा ने रायगढ़ व सारंगढ़ के 164 प्रतिभागियों में शीर्ष खिलाड़ियों को मात देकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। शिल्ड, मेडल, सर्टिफिकेट एवं इनाम राशि के साथ टूर्नामेंट विजेता का गौरव हासिल कर उन्होंने एकाग्रता, रणनीतिक सोच और प्रतिभा का परिचय दिया। सांसद देवेन्द्र प्रताप सिंह, कोच कार्तिकेश्वर मैत्री और चेस एसोसिएशन रायगढ़ द्वारा सम्मानित गौरव कलेक्टर, एसएसपी, महापौर, सांसद एवं विधायकों से सम्मान पा चुके हैं। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी पहचान उज्ज्वल है। उनकी एकाग्रता, रणनीति, धैर्य और निरंतर साधना युवाओं के लिए प्रेरणादायी मिसाल है।

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