अग्रोहा स्टील, जिंदल स्टील, रायगढ़ साल्वेंट, एमएसपी, रायगढ़ इस्पात, बीपी एक्टिव इंजीकॉन, शिव शक्ति स्टील और सांई गणेश ट्रेडिंग कंपनी पर चला प्रशासन का चाबुक

by SUNIL NAMDEO
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श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यस्थल पर निर्धारित मानकों के पालन को लेकर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने अपनाया सख्त रुख अपनाया

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर जिले में श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं कार्यस्थल पर निर्धारित मानकों के पालन को लेकर औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ के उप संचालक राहुल पटेल के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न कारखानों एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई इकाइयों में श्रम एवं सुरक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मई एवं जून 2026 के दौरान कुल 6 आपराधिक प्रकरण श्रम न्यायालय रायगढ़ में दायर किए हैं। कार्रवाई कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा शर्त विनियमन) अधिनियम 1996, छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार नियम 2008 तथा उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020 के प्रावधानों के तहत की गई है।

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                     माह मई 2026 के दौरान मेसर्स अग्रोहा स्टील एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड, ग्राम पाली के अधिभोगी उत्तम कुमार अग्रवाल, मेसर्स जिंदल स्टील लिमिटेड यूनिट-3 के अधिभोगी देबोज्योति रॉय तथा मेसर्स रायगढ़ साल्वेंट एक्सट्रेक्शन प्रा.लि. के अधिभोगी सरोज कुमार पाथी के विरुद्ध उपजीविकाजन्य सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता 2020 के प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर प्रकरण दर्ज किए गए। इसी प्रकार मेसर्स रायगढ़ इस्पात एंड पावर प्रा.लि. यूनिट-2 के संचालक विकास कुमार अग्रवाल तथा बीपी एक्टिव इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड के संचालक बिमल कुमार भगत के विरुद्ध भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम एवं संबंधित नियमों के उल्लंघन के कारण कार्रवाई की गई।

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वहीं जून 2026 में मेसर्स शिव शक्ति स्टील लिमिटेड के अधिभोगी संजय घोष एवं कारखाना प्रबंधक अरविंद कुमार मिश्रा के विरुद्ध श्रमिक सुविधाओं से जुड़े प्रावधानों के उल्लंघन पर प्रकरण दर्ज किए गए। इसके अलावा मेसर्स सांई गणेश ट्रेडिंग कंपनी के अधिभोगी एवं कारखाना प्रबंधक प्रेमनाथ सिंह तथा मेसर्स एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड के अधिभोगी प्रदीप कुमार डे के विरुद्ध भी कारखाना अधिनियम 1948 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के मामले श्रम न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।

श्रमिकों की सुरक्षा से समझौता नहीं, नियम उल्लंघन पर जारी रहेगी कार्रवाई

उप संचालक राहुल पटेल ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को सुरक्षित, स्वस्थ एवं मानक अनुरूप कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ताओं की जिम्मेदारी है। श्रम कानूनों एवं सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा समय-समय पर औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर सुरक्षा उपायों, श्रमिक कल्याण सुविधाओं एवं कार्यस्थल मानकों की समीक्षा की जाती है। जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उद्योगों में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करना और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना भी है।

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