चक्रधर समारोह में अन्विता विश्वकर्मा ने कथक में दिखाई भाव, लय और ताल की सुंदर प्रस्तुति

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। 41वें अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त चक्रधर समारोह-2026 की सांस्कृतिक संध्या में 12 वर्षीय कथक नृत्यांगना अन्विता विश्वकर्मा ने अपनी शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुति से दर्शकों को प्रभावित किया। लखनऊ घराने की कथक शैली में प्रशिक्षित अन्विता ने भाव, लय, ताल, तत्कार और पद-संचालन का सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।

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रायपुर के दिल्ली पब्लिक स्कूल की कक्षा 8वीं की छात्रा अन्विता ने महज 3 वर्ष की उम्र से कथक का प्रशिक्षण प्रारंभ किया। गुरु श्रीमती अंजनी ठाकुर के मार्गदर्शन में उन्होंने निरंतर अभ्यास और समर्पण के साथ कथक की बारीकियां सीखीं। उनका पहला मंच प्रदर्शन प्लेस्कूल की नृत्य प्रतियोगिता में हुआ, जहां उन्होंने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।

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      अन्विता ने राष्ट्रीय स्तर के साथ ही श्रीलंका, नेपाल और वियतनाम में भी अपनी कला का प्रदर्शन किया है। पुणे में आयोजित अखिल भारतीय सांस्कृतिक संघ की प्रतियोगिता में कम उम्र में हिस्सा लेकर उन्होंने कथक में चेयरमैन अवार्ड तथा लोकनृत्य में द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया। दूरदर्शन छत्तीसगढ़ पर उनके नृत्य और साक्षात्कार का प्रसारण भी हो चुका है।

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