शहतूत रेशम और टसर कृमिपालन को बढ़ावा देने तमनार के आमाघाट व खरसिया के बर्रा में चली विशेष जागरूकता मुहिम
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रायगढ़ जिले के तमनार तहसील के ग्राम आमाघाट और खरसिया ब्लॉक के ग्राम बर्रा में मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के तहत शहतूत रेशम एवं टसर कृमिपालन को बढ़ावा देने के लिये विशेष जागरुकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में टसर रेशम उत्पादन के स्व सहायता समूह, धागाकरण समूह के 146 हितग्राहियों के द्वारा हिस्सा लिया।
केन्द्रीय रेशम बोर्ड रांची के वैज्ञानिक डॉ. वायएस श्रीनाथ, खरसिया के विधायक प्रतिनिधि और सरपंच सहित रेशम विभाग के उप संचालक मनीष पवार तथा जिले के वरिष्ठ रेशम निरीक्षक आरके करियाम एवं कनिष्ठ रेशम निरीक्षक चन्द्रिका प्रसाद श्रीवास ने तकनीकी सत्र में हितग्राहियों को रेशम उत्पादन से अतिरिक्त आय अर्जित करने हेतु रेशम चॉकी कीट पालन के उन्नत तकनीक व वयस्क कृमिपालन के नवीन तकनीक की जानकारी दी। साथ ही कीटपालन पद्धतियों में रोगों से रोकथाम एवं ककून की गुणवत्ता में सुधार हेतु उचित निःसंक्रमण विधियों से भी अवगत कराया।
अभियान में प्रभावी पौधरोपण क्षेत्र बढ़ाने, उच्च गुणवत्तायुक्त स्व. डिम्ब समूह, रोग प्रबंधन एवं वैज्ञानिक तरीके से कृमिपालन पर जोर दिया गया। कृषक जागरुकता कार्यक्रम में कृमिपालकों द्वारा कलस्टर आधारित खेती एवं अन्तर फसल से आय के संबंध में चर्चा की गई। किसानों के दिये सुझाव को कार्ययोजना में शामिल करते हुए टसर रेशम उत्पादन एवं सामूहिक खेती कर रेशम उत्पादन को राज्य में अग्रणी बनाने हेतु “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” का सफल आयोजन किया गया।








