सोमवार रात से मंगलवार दिनभर हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। बीते सोमवार रात से आज दिनभर थम-थमकर हुई बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई। आसमान से गिरी आफत से जहां शहर सहित आसपास के कई जगह जलभराव होने से लोग दहशत में रहे। वहीं, बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हालांकि, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश और निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय की मॉनिटरिंग में राहत एवं बचाव दल लगातार बारिश में भी जुटा रहा। नतीजतन, पूर्व-नियोजित रणनीति और तकनीकी कार्ययोजना के कारगर रहने से
शहरवासियों को बड़ी राहत जरूर मिली। बावजूद इसके मौसम के बदलते तेवर ने लोगों को हलाकान कर रखा है।
बीती रात से लगातार हो रही बारिश के बीच निगम प्रशासन की पूर्व-नियोजित रणनीति, सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई का प्रभाव शहरभर में स्पष्ट रूप से देखने को मिला। निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय के मार्गदर्शन में मानसून पूर्व तैयार की गई तकनीकी कार्ययोजना के कारण शहर के अधिकांश संवेदनशील एवं जलभराव संभावित क्षेत्रों में स्थिति पूरी तरह नियंत्रित रही। परिणामस्वरूप नागरिकों को आवागमन एवं दैनिक गतिविधियों में किसी प्रकार की गंभीर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
मानसून प्रारंभ होने से पहले ही निगम प्रशासन द्वारा शहर के उन सभी क्षेत्रों का सर्वे कर चिन्हांकन किया गया था, जहाँ प्रत्येक वर्ष जलभराव की समस्या बनती रही है। इनमें पैठू डबरी, गर्ल्स कॉलेज, संजय कॉम्प्लेक्स, दुग्ध डेयरी, लक्ष्मीपुर पुलिया, सिद्धिविनायक कॉलोनी, स्टेडियम क्षेत्र, खेतपारा, गुलमोहर कॉलोनी, मोदी नगर, चिरंजीवीदास नगर, प्रेम नगर, चंद्रनगर, नवापारा, ऑक्सीजोन, चंदगीराम नगर, गांधी नगर, सोनुमुड़ा, मिट्ठूमुड़ा, सावित्री नगर, गोगा राइस मिल, सीएमएचओ तिराहा, पतरापाली एवं फ्रेंड्स कॉलोनी सहित अन्य निचले क्षेत्र शामिल हैं।
इन सभी स्थानों पर बाढ़ एवं आपदा नियंत्रण के तहत बरसात शुरू होते ही निगम द्वारा एक-एक कर्मचारी की विशेष ड्यूटी निर्धारित की गई थी, जिन्हें नाले- नालियों से जल निकासी व्यवस्था पर सतत निगरानी एवं किसी भी अवरोध की तत्काल सूचना देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी सुनियोजित व्यवस्था के कारण अधिकांश क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बनने ही नहीं पाई।
बारिश के दौरान जहाँ भी जल निकासी प्रभावित होने की संभावना बनी, वहाँ निगम की टीम ने बिना समय गंवाए तत्काल कार्रवाई की। पैठू डबरी नाला एवं रामभाठा पुलिया में उगी जलकुंभी और गाजर घास को सफाई कर्मियों द्वारा तत्काल हटाकर जल प्रवाह को सुचारू बनाया गया। रामभाठा पुलिया, सीएमएचओ तिराहा पुलिया तथा जूटमिल पुराने बस स्टैंड नाला पुलिया में फँसे कचरे एवं मलबे को जेसीबी मशीनों की सहायता से निकालकर पानी के बहाव को निर्बाध किया गया।
ग्रीन सिटी कॉलोनी में जलभराव की प्रारंभिक स्थिति निर्मित होते ही निगम की टीम मौके पर पहुँची और जेसीबी की सहायता से कृत्रिम नाली बनाकर पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित की गई। इसी प्रकार बाबूपारा वार्ड क्रमांक-11 में सड़क किनारे की दीवार ढहकर नाले में गिर जाने से जल प्रवाह बाधित हो गया था। सूचना मिलते ही निगम की आपातकालीन टीम तत्काल मौके पर पहुँची और मलबा हटाकर नाले के जल प्रवाह को पुनः सामान्य किया। निगम प्रशासन द्वारा पूरे मानसून के दौरान कंट्रोल रूम ने तीनों शिफ्ट में कर्मचारियों की टीम की ड्यूटी लगाने के साथ फील्ड अमले, सफाई कर्मियों एवं मशीनरी को निरंतर सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत कार्य किया जा सके।








