लेबर क्वाटर के मलबे में दबकर रंभा प्रधान की मौत और 2 लोगों के गंभीर होने के मामले में प्रशासन ने की कार्रवाई
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रायगढ़ जिले के ग्राम चिराईपानी स्थित ओम श्री रुपेश कंपनी के द्वारा किये गए बेजा कब्जे को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। आज सुबह तहसीलदार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुँची और दस्तावेजों के आधार पर सीमांकन कर नाली, तालाब और शासकीय भूमि पर कंपनी द्वारा किये गए अतिक्रमण के खिलाफ जेसीबी से तोड़-फोड़ की कार्रवाई की। इस मौके पर तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व अधिकारी, पटवारी सहित जिला पंचायत सदस्य, सरपंच, पंच तथा स्थानीय ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। वहीं, ओम श्री रुपेश के मालिक शंकर अग्रवाल भी उपस्थित थे।
विदित हो कि बीते दिनों ओम श्री रुपेश के क्रशर प्लांट में बाउंड्रीवॉल धंसने से 9 माह की गर्भवती महिला व अजन्मे शिशु की दर्दनाक मौत हो गयी थी तथा दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे जो अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि कंपनी द्वारा लापरवाही पूर्वक करीब 20 फीट ऊँची बाउंड्री वाल के किनारे गड्ढा खोद दिए जाने से बारिश का पानी भर गया था, जिसके कारण दीवार झोपड़ीनुमा बने लेबर क्वार्टर के ऊपर भरभरा कर गिर गयी और दीवार गिरने से वहाँ मौजूद तीन मजदूर चपेट में आ गए।
बता दें कि कांग्रेस के बागी नेता तथा स्वयंभू समाजसेवी शंकर अग्रवाल ने दबंगई पूर्वक गाँव की नाली, तालाब और शासकीय जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था जिसकी शिकायत ग्रामीणों ने विभिन्न माध्यमों से शासन से कर रखी थी, लेकिन प्रशासन के अधिकारी खामोशी की चादर ओढ़े हुए थे। जब यहाँ दुर्घटना में गर्भवती महिला को अजन्मे शिशु सहित जान गँवानी पड़ी और मीडिया ने उद्योगपति शंकर अग्रवाल की कारस्तानी को प्रभावी ढंग से उजागर किया तब कहीं जाकर प्रशासन को होश आया और आज कम्पनी के ऊपर इतनी बड़ी कार्रवाई की।
बहरहाल, प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से जहाँ ग्रामवासियों में संतोष व्याप्त है वहीं, क्षेत्र में अन्य बेजा कब्जाधारियों के ऊपर भी प्रशासन द्वारा कठोर कदम उठाये जाने की उम्मीद बढ़ी है।







