मां के आंसुओं से कमतर निकली पहली तनख्वाह की अहमियत

by SUNIL NAMDEO
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विद्युत कंपनी के अधीक्षण यंत्री नहीं बनते तो लेक्चरर होते गुंजन शर्मा

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अमूमन किसी व्यक्ति की पहली कमाई की कीमत उसकी जिंदगी में बेहद मायने रखती है। लेकिन, विद्युत कंपनी के अधीक्षण यंत्री गुंजन शर्मा के पहले वेतन की अहमियत मां की आंसुओं से कमतर निकली। गुंजन ने पहली पगार जब मां को थमाया तो खुशी के मारे उनके नयनों से जो अश्रुधारा निकली उसने ममत्व की नई कहानी ही गढ़ दी। आइए देखते हैं सीएसपीडीसीएल के एसई गुंजन शर्मा ने सृजन न्यूज से खास बातचीत में क्या कहा।

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राजनांदगांव है जन्मभूमि
अविभाजित मध्यप्रदेश के राजनांदगांव में शिक्षक व्यासनारायन शर्मा और उनकी अर्द्धांगिनी श्रीमती बृजंती शर्मा के आंगन में 2 जुलाई 1980 को जन्म हुआ गुंजन शर्मा का। 3 भाइयों में सबसे बड़े गुंजन की प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा यानी कक्षा पहली से बारहवीं (FCM) की पढ़ाई महावीर जैन स्कूल दुर्ग में हुई। सेवानिवृत्त प्राचार्य पिता के मार्गदर्शन में गुंजन ने फिर भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की।

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राजधानी के कॉलेज में बने लेक्चरर
शिक्षा से खुद के जीवन में उजियारा बिखेरने वाले गुंजन को गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज रायपुर में एडहॉक में लेक्चरर के रूप में 2001 से 03 तक सफर की शुरुआत की। फिर, शंकराचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज में सालभर पढ़ाया। इस दौरान छत्तीसगढ़ सीएसईबी इंट्रेंस एक्जाम में कामयाबी के झंडे गाड़ने वाले गुंजन जून 2004 में सलेक्ट हुए।

जन्मभूमि से ही शुरू हुआ करियर का सफर
22 जून 2004 को गुंजन शर्मा की पहली पदस्थापना उनकी जन्मभूमि राजनांदगांव में ही सहायक यंत्री के तौर पर हुई। इसके बाद महासमुंद (2011 से 13), रायपुर-शहर के पश्चात रायगढ़ में प्रभारी कार्यपालन अभियंता की कमान 2013 से 17 तक सम्हाली। रायगढ़ में ही पदोन्नति होने पर वे संभाग 1 केफुल फ्लैश कार्यपालन यंत्री बने। 2019 से 23 तक संभाग 2 में सेवारत रहे तो 2025 तक स्टोर की जिम्मेदारी उठाने के दौरान रायपुर हेड ऑफिस में तबादला हो गया। वहीं, जून 2025 से स्थानांतरण के साथ प्रमोशन होने पर 3 जुलाई से गुंजन रायगढ़ में अधीक्षण यंत्री के रूप में सेवारत हैं।

इंफास्ट्रक्चर मजबूत करना है प्राथमिकता
सहायक यंत्री से अधीक्षण यंत्री तक अनुभव पाने वाले गुंजन शर्मा को गर्व इस बात का है कि नौकरी के बहाने ही सही, मगर वे जनसेवा ही कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को क्वालिटी सप्लाई के साथ रायगढ़ सहित आसपास क्षेत्र में नए विद्युत सब स्टेशनों की स्थापना और नया लाइन ही गुंजन की प्राथमिकता है। यही नहीं, बिजली समस्या की मार झेल रहे कंज्यूमर्स को राहत दिलाने की वे भरसक कोशिश भी करते हैं।

बिलासपुर की प्रियंका के संग लिए सात फेरे
सीएसपीडीसीएल के एसई गुंजन शर्मा ने 21 नवंबर 2007 में बिलासपुर की प्रियंका का अग्नि के समक्ष हाथ थामते हुए पारंपरिक विधि विधान से विवाह रचाया। गृहिणी प्रियंका और गुंजन का परिवार बेटी अलंकृता और बेटे अबीर की मुस्कान से खिलखिला उठता है।

देवानंद की गाइड है फेवरेट मूवी
परमहंस योगानंद को आदर्श मानने वाले युवा अफसर गुंजन शर्मा की फेवरेट बुक ऑटो बॉयोग्राफी ऑफ ए योगी है। बंगाली अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की अदाकारी के मुरीद गुंजन को देवानंद की गाइड फ़िल्म खूब भाती है। छत्तीसगढ़ी चीला-चटनी पसन्दीदा व्यंजन है तो पढ़ना, गाना और कसरत करना उनका शगल है। मां का निधन गुंजन के जीवन के सर्वाधिक दुख के क्षण है। शिक्षाविद पिता के संघर्षों को देख जीवन में सकारात्मक सुधार लाने को तरजीह देने वाले गुंजन को सीधे-साधे लोग ही पसंद है और बनावटी लोगों से नफरत है।

ईश्वर को समर्पित करें परिश्रम
अध्यात्म में रुचि रखने वाले गुंजन शर्मा का मानते हैं कि जिंदगी में जो पाना चाहते हैं, उसके लिए दो चीज जरूरी है। मेनिफेस्टेशन में ईश्वर को समर्पित परिश्रम करें, सफलता जरूर मिलेगी। सकारात्मक सोच के साथ दृढ़ विश्वास रखें। शार्टकट का रास्ता अपनाने की बजाए युवा पीढ़ी लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी से मेहनत करें तभी सफलता कदम चूमेगी।

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