टैक्स प्रैक्टिशनर्स के लिए AI टूल्स पर तकनीकी सत्र का आयोजन, बार एसोसिएशन की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण
रायपुर (सृजन न्यूज)। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज जीएसटी को लेकर आयोजित विशेष कार्यशाला में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू GST देश का सबसे बड़ा कर सुधार है। यह एक ऐसा रिफॉर्म है जिसने भारत के टैक्स स्ट्रक्चर को पूरी तरह बदल दिया है।
आयोजन के बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा जीएसटी आने से पहले देश में 17 प्रकार के टैक्स और 23 प्रकार के सेस लगते थे, जिससे बिजनेसमैन उलझन में रहता था। जीएसटी ने इन सब से मुक्ति दिलाई है। आज टैक्स बर्डन भी कम हुआ है और टैक्स की प्रक्रियाएं भी सरलीकृत हुई हैं। ओपी चौधरी ने 3 बड़े लाभ बताते हुए कहा टैक्स बर्डन कम हुआ एवं प्रक्रिया आसान हुई। पहले अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कानून थे। अब एक राष्ट्र, एक टैक्स से कारोबार करना आसान हुआ है। दूसरा बड़ा लाभ भारतीय बिजनेस ग्लोबल हुआ जो बिजनेस करने वाले हैं, वे अब एक्सपोर्ट मार्केट में दुनिया के ग्लोबल सप्लाई चेन में बहुत कॉम्पिटेटिव तरीके से सक्सेस हो पाए हैं। हमारे एंटरप्रेन्योर्स को दुनिया में बराबरी का मौका मिला है। तीसरा बड़ा लाभ डेवलप्ड इकॉनमी की ओर भारत के कदम बढ़ रहे है। भारत एक डेवलप्ड इकॉनमी बनने के लिए जिस तरह के टैक्स स्ट्रक्चर की जरूरत होती है, उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। बार एसोसिएशन और AI टूल्स का जिक्र करते हुए
वित्त मंत्री ने कहा कि इस वर्कशॉप में एक बहुत ही बढ़िया पहल की गई है। बार एसोसिएशन से जुड़े टैक्स प्रैक्टिस करने वालो को एआई टूल्स के बारे में जोड़ने के लिए टेक्निकल सेशन भी रखा गया है और अन्य एस्पेक्ट्स पर भी सेशन रखा गया है। आज एआई टूल्स को यूज करते हुए टैक्स प्रैक्टिस को और तेज और पारदर्शी बनाया जा सकता है। ओपी ने स्वीकार करते हुए कहा छत्तीसगढ़ तेजी से आगे बढ़ता हुआ राज्य है, उसमें इस तरह के टैक्स स्ट्रक्चर में काम करने वाले बिजनेसमैन और सरकार के बीच की जो कड़ी है। बार एसोसिएशन से जुड़े मेंबर्स की बड़ी भूमिका है। इस दृष्टिकोण से आज की वर्कशॉप को अत्यंत अहम बताया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में टैक्स प्रैक्टिशनर, सीए और बार एसोसिएशन के सदस्य उपस्थित रहे।








