चांदमारी स्कूल में उन्मुखीकरण और क्षमतावर्धन के लिए हुई बैठक

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। शहर के चांदमारी में  संचालित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ की बैठक प्राचार्य कक्ष में प्रभारी प्राचार्य भरत लाल नामदेव की अध्यक्षता में भारत माता के जयघोष के साथ प्रारंभ हुआ। यह बैठक शिक्षकों एवं स्टाफ के उन्मुखीकरण एवं उनकी क्षमतावर्धन हेतु रखी गई थी। 

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              बैठक में प्राचार्य भरत लाल नामदेव ने विगत सप्ताह हुई बैठक बिंदुओं के क्रियान्वयन/पालन की समीक्षा करते हुए सीजीवीएस के एप में प्रतिदिन आनलाइन अपनी उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज कराने, विद्यार्थी विवरण, अवकाश विवरण, शिक्षक रिपोर्ट, ड्यूटी रिपोर्ट आदि की प्रविष्टि सुनिश्चित करने और दृढ़ता से उसके पालन करने हेतु निर्देशित किया। संकुल शैक्षिक समन्वयक सन्नी खाण्डे ने बाल सदन के गठन एवं कार्य विभाजन बिंदु पर सभी को अवगत कराया।

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           शासकीय रविशंकर प्राथमिक शाला की प्रधान पाठिका डॉ. मनीषा त्रिपाठी ने बैठक में अन्य बिंदुओं यथा नवीन शाला प्रबंधन, विकास समिति गठन, शालेय पंजियों का संधारण और रख-रखाव, कक्षा सजावट करना, शिक्षकों द्वारा सहायक शिक्षण सामग्री निर्माण, क्लास रूम में गणित तथा विज्ञान का कोना स्थापित करने, पुस्तकालय हेतु समय-सारिणी में आवश्यक रूप से कालखंड होने एवं पुस्तकालय की पुस्तकों को विद्यार्थियों को वितरित कर स्व-अध्ययन हेतु प्रेरित करने, बाल-श्रम निषेध का पूर्णतया पालन करने, माध्यमिक खंड के मध्यान्ह भोजन मीनू का दीवार पर प्रदर्शन करने, सहयोगी स्टाफ स्वीपर, रसोइयए को प्राचार्य को लिखित आवेदन देकर अवकाश पर जाने एवं अवकाश की प्रविष्टि पंजी में करने, बच्चों के लिए शैक्षिक खेल, प्रतियोगिताएं आयोजित करने, विज्ञान, अंग्रेजी, गणित विषय को रुचिकर बनाने, बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास करने, स्वीपर द्वारा स्कूल एवं टायलेट की रोजाना साफ-सफाई करने एवं कचरा डस्टबिन में डालने, बैठक में शिक्षकों व स्टाफ की अनिवार्य रूप से उपस्थित होने, प्रभावी शिक्षण कार्य कर पूरी कक्षा को शिक्षण प्रक्रिया में शामिल करने, बच्चों को प्रतिदिन लेखन अभ्यास कराना एवं उनकी जांच करने, पाठ-योजना अनुसार शैक्षिक दैनंदिनी लिखे जाने, शिक्षक द्वारा शनिवार को बच्चों में शारीरिक स्वच्छता हेतु नाखून एवं बाल आदि की जांच करने, माध्यमिक खंड द्वारा बच्चों को विज्ञान से संबंधित चार्ट, माडल, पोस्टर आदि बनाने हेतु प्रेरित करने, समय -सीमा में डाक बनाने एवं उसका प्रेषण सह पंजी अद्यतन करने, प्रार्थना सभा में सभी शिक्षकों की अनिवार्य रूप से उपस्थिति एवं प्रार्थना गायन, प्रार्थना सभा हेतु गीत, गान, मंत्रों का फ्लैक्सी निर्माण करने, फर्नीचर मांग पत्र जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा करने, बच्चों को उनके कौशलों का विकास करने हेतु बागवानी, वृक्षारोपण, विज्ञान प्रयोगशाला आदि की जानकारी देने, ब्लूप्रिंट के अनुसार अध्यापन कार्य करने, किचन गार्डन का निर्माण करने, कार्य-योजना बनाने एवं उसका क्रियान्वयन करना, सभी के अवलोकनार्थ विद्यालय समय-सारिणी का प्रदर्शन करने, विषय -शिक्षक विहीन शालाओं में कार्यरत शिक्षकों द्वारा स्मार्ट टीवी, स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर आदि से अध्यापन कार्य करने, शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य करते समय प्रधान पाठकों द्वारा सतत् मानिटरिंग करने, अवकाश पर गये शिक्षकों की कक्षा संचालन हेतु अन्य शिक्षकों को इंगेज करने एवं उसका पंजी संधारण करने, कक्षा में महापुरुषों, वैज्ञानिकों, गणितज्ञों, साहित्यकारों के पोस्टर लगाने एवं प्रेरक विचार दीवार पर अंकित करने, विज्ञान विषय को बच्चों को प्रयोग करके सीखने एवं उसमें बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करने, प्रार्थना सभा में शुद्ध अभ्यास हेतु साउंड सिस्टम का उपयोग करने, मौलिक रचनाएं हेतु संकुल स्तरीय पत्रिका का प्रकाशन करने, बच्चों में राष्ट्र प्रेम, सामाजिक समरसता हेतु नैतिक मूल्यों को स्थापित करने हेतु साहित्य की समस्त विधाओं का मंचन/क्रियान्वयन करने सहित अन्य बिंदुओं पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए शिक्षकों से चर्चा की गई एवं सुझाव दिए गए उपस्थित शिक्षकों ने व्यावहारिक कठिनाइयों से भी अवगत कराया, जिसे प्राचार्य ने यथासंभव निराकरण करने का आश्वासन दिया। वहीं, एजेंडा विहीन बिंदुओं पर बात नहीं करने एवं सदन की मर्यादा बनाए रखने हेतु निर्देशित किया और सभी को शाला को सुचारू रूप से संचालित करने हेतु प्रेरित किया।

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