डाबर कंपनी ने बैचलर डिग्री और गोल्ड मेडल से सम्मानित कर होनहार का बढ़ाया मान
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रायगढ़ के निशांत नामदेव ने ओड़िशा में इतिहास रच दिया है। होनहार निशांत ने बीएएमएस से सम्बलपुर यूनिवर्सिटी में टॉप कर न केवल रायगढ़, बल्कि छत्तीसगढ़ी की माटी का मान भी बढ़ाया। यही वजह है कि प्रतिष्ठित डाबर कंपनी ने निशांत को बैचलर डिग्री और गोल्ड मेडल के साथ 35 हजार का चेक देकर सम्मानित किया।
मूलतः रायगढ़ के चांदनी चौक निवासी और वर्तमान में बूढ़ी माई मंदिर के समीप देवघर अपार्टमेंट में रहने वाले शैलेष नामदेव (शिक्षा विभाग में सेवारत) के सुपुत्र निशांत नामदेव ने ओड़िशा के बरगढ़ जिले के नृसिंह नाथ आयुर्वेदिक एंड रिसर्च सेंटर, पाइकमाल में बीएएमएस की परीक्षा में सम्बलपुर विश्वविद्यालय में अव्वल आकर अपनी प्रतिभा साबित किया। नतीजतन, नृसिंह नाथ मेडिकल कॉलेज में बीते 24 जून को आयोजित गरिमामय समारोह में डाबर कंपनी ने निशांत को बैचलर डिग्री और स्वर्ण पदक के साथ 35 हजार रुपए का चेक सम्मान पूर्वक भेंट करते हुए उनका हौसला बढ़ाया है।
परिश्रम को मिला कामयाबी का पंख
बहुमुखी प्रतिभा के धनी निशांत नामदेव की कक्षा पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय, रायगढ़ में हुई। इसके बाद निशांत ने ओड़िशा की ओर रूख करते हुए नृसिंह नाथ में 5 वर्ष तक आयुर्वेद की पढ़ाई की। अथक मेहतन, जुनून और लक्ष्य के प्रति समर्पण का सुखद परिणाम निशांत को मिला और अब वे डॉक्टर बनकर जनसेवा करेंगे।
डॉक्टर बनकर किया मां का सपना पूरा
निशांत के डॉक्टर बनने का सफर आसान नहीं था। निशांत की जिस दिन बारहवीं बोर्ड में जीव विज्ञान की परीक्षा थी, उसी रोज उनकी माता श्रीमती कल्पना नामदेव का देहांत हो गया। मां के पार्थिव देह घर में पड़े होने के बाद भी गम के महासागर में डूबे निशांत ने हार नहीं मानी और परीक्षा केंद्र जाकर पर्चा दिलाई। चूंकि, कल्पना की ख्वाहिश थीं कि उनका लाडला निशांत डॉक्टर बने, इसलिए मां के सपने को पूरा करने के लिए बेटे ने जी जान लगा दिया और आज डॉक्टर बनकर निशांत ने अपनी दिवंगत माताजी को सही मायने में सच्ची श्रद्धांजलि दी।







