टिकट काउंटर में रेल टिकट बनवा रहा था दलाल, चढ़ गया वर्दीधारियों के हत्थे

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अपराध गुप्तचर शाखा सीआईबी बिलासपुर ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर रेल्वे स्टेशन के टिकिट काउंटर से टिकट बनवाते एक टिकट दलाल को पकड़ कर रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट रायगढ़ को सुपुर्द कर दिया है। 

              रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट रायगढ़ प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि कि 16 अप्रैल को रेलवे आरक्षित टिकट का अवैध व्यापार करने वाले टिकट दलालों के विरूद्ध धरपकड़ और अभियान हेतु प्रभारी निरीक्षक रामलाल/अ.गु.शा. रे.सु.ब/बिलासपुर एवं सहायक उप निरीक्षक बीरबल सिंह, आरक्षक नीरज कुमार एवं आरक्षक आलोक कुमार के साथ मुखबीर की सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन रायगढ़ प्लेटफार्म नंबर 1 स्थित रेलवे आरक्षण केंद्र रायगढ में गुप्त निगरानी के दौरान समय लगभग 11 बजे आरक्षण केंद्र रायगढ के काउंटर नंबर 3 में लाईन लगाकर एक व्यक्ति को टिकट बनाकर जाते देखा। शक के आधार पर उसे रोककर नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम व पता चिंताराम साहू, पिता-सखाराम साहू (34 वर्ष) निवासी मकान नंबर 215/37 वार्ड नं. 37 राजीव गांधी नगर, जूटमिल, रायगढ़ का रहने वाला बताया।

मौके पर उपस्थित गवाहों के समक्ष उक्त व्यक्ति के पास रखे टिकट को चेक करने पर 1 नग काउंटर टिकट पीएनआर नबर 650.2250984 रायगढ़ से अमृतसर तक का स्लीपर क्लास का टिकट (भविष्य यात्रा टिकट) पाया गया। उक्त व्यक्ति से टिकट के संबंध में पूछताछ करने पर बताया कि आज टिकट ग्राहक के माँग के आधार पर आरक्षण केंद्र से टिकट बनवाया था। इसके एवज में 200 रुपए कमीशन के तौर पर टिकट ग्राहक से लिया था। इसके अतिरिक्त स्वयं टिकट ग्राहक की मांग के आधार पर टिकट बनाकर टिकट उपलब्ध कराता है। बदले में टिकट ग्राहको से प्रत्येक टिकट पर 200 से 300 रुपए कमीशन के तौर पर लेता है। आरोपी  को नोटिस देकर उनके इलेक्ट्रानिक उपकरण मोबाईल की जाॅंच करने पर उनके मोबाईल में पूर्व में बना हुआ 4 नग काउंटर रेल टिकट पाया गया।

               वह रेल को टिकटों का भुगतान उनके आइ्रडीएफसी खाता नंबर 10096624398 केवड़ा बाडी बस स्टैण्ड रायगढ़ के माध्यम से किया जाना बताया, तब रेल अधिनियम की धारा 180 (ठ) के तहत नोटिस देकर वैधानिक दस्तावेज की माँग करने पर उनके द्वारा कोई दस्तावेज प्रस्तुत नही किया और न ही कोई संतोष जनक जवाब दिया। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। घटना प्रथमदृष्टया धारा 143 रेलवे अधिनियम का अपराध कारित पाये जाने पर सहायक उप निरीक्षक बीरबल सिंह ने मौके पर उपस्थित गवाहों के समक्ष आरोपी का बयान दर्ज कर अपराध से संबधित, 1 नग रेल आरक्षित टिकट (भविष्य यात्रा टिकट कीमत 3860/-), 4 नग यात्रा किया हुआ टिकट (कीमत 11185/-रूपया), कुल कीमत 15045/, 1 नग एप्पल मोबाईल जिस पर एयरटेल कम्नी का सिम 8120745854 एवं एक नग आधार कार्ड की छायाप्रति सहित को सुसंगत दस्तावेज जप्ती पत्रक बनाकर उक्त के अधिपत्य से जप्त किया गया।

                   मौके पर अन्य कागजी कार्यावाही कर आरोपी को मयजप्त संपत्ति के साथ रे.सु.ब. पोस्ट रायगढ़ लेकर आये। उपरोक्त मामले को सउनि बीरबल सिंह अपराध गुप्तचर शाखा रेसुब बिलासपुर ने पोस्ट प्रभारी रेसुब पोस्ट रायगढ़ को एफआईआर एवं मय दस्तावेज तथा आरोपी को सुपुर्द किया। आदेशानुसार पोस्ट प्रभारी द्वारा उक्त मामले की जाँच उपनिरीक्षक अखिल सिंह को सौंपा गया। फिर, उपनिरीक्षक अखिल सिंह द्वारा प्राप्त दस्तावेजों का अवलोकन करने पर सही पाये जाने पर गिरफ्तारी संबंधी सुप्रीम कोर्ट के 11 सूत्रीय दिषा निर्देषो एवं मानवाधिकार के नियमों का अनुपालना करते हुए उक्त आरोपी को धारा 179 (2) के तहत गिरफ्तार कर उसके विरूद्ध धारा 143 रेल अधिनियम दर्ज किया गया। गिरफ्तारी की सूचना आरोपी के परिजनोें को दी गई। जमानती अपराध होने के कारण आरोपी द्वारा जमानत की मांग किये जाने पर एवं सक्षम जमानतदार पेश करने पर उसे जमानत का लाभ दिया गया।

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