घरघोड़ा और अलोला में अवैध उर्वरक भंडारण पर प्रशासन का टूटा कहर

by SUNIL NAMDEO
0 comment
img-20260221-wa01799122518692518146593.jpg
previous arrow
next arrow

27 निजी और 7 सहकारी उर्वरक भंडार व विक्रय केंद्रों का निरीक्षण, 20 केंद्रों में अनियमितता, 2 केंद्रों से 14.225 टन उर्वरक जब्त, 18 को नोटिस जारी

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अंचल के किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज, उर्वरक, कीटनाशी उपलब्ध हो सके और किसी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता न हो, इसके लिए संचालनालय कृषि, रायपुर के निर्देशानुसार कलेक्टर के निर्देश पर जिले भर में उर्वरक विक्रेताओं के भंडारण एवं विक्रय स्थलों का सघन एवं लगातार औचक निरीक्षण किया जा रहा है।
        उप संचालक कृषि ने बताया कि अभियान के तहत तमनार क्षेत्र में 16 अप्रैल को घरघोड़ा स्थित एक गोदाम में अवैध उर्वरक भंडारण की सूचना प्राप्त हुई। सूचना के आधार पर उर्वरक निरीक्षक उदित नारायण नगाईच ने मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। जांच के दौरान गोदाम में भारी मात्रा में उर्वरक पाया गया, जिसे गोयल बीज भंडार, घरघोड़ा के प्रोपराइटर संजय कुमार गोयल द्वारा स्वयं का बताया गया। हालांकि, निरीक्षण के दौरान संबंधित द्वारा उर्वरक भंडारण एवं विक्रय से संबंधित कोई वैध दस्तावेज अथवा अनुज्ञा प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया जा सका। इस पर उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) (नियंत्रण) आदेश, 1985 के प्रावधानों के अंतर्गत सख्त कार्रवाई करते हुए 90 बोरी नीम कोटेड यूरिया एवं 230 बोरी एसएसपी पाउडर को जब्त कर लिया गया। साथ ही उक्त उर्वरक को आगामी आदेश तक विक्रय हेतु प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त संबंधित विक्रेता की उर्वरक अनुज्ञप्ति को निलंबित किए जाने हेतु अनुज्ञप्ति अधिकारी एवं उप संचालक कृषि, रायगढ़ को अनुशंसा भी प्रेषित की गई है।
            इसी तरह विकासखण्ड धरमजयगढ़ के अंतर्गत 7 अप्रैल को किसान कृषि केन्द्र, अलोला के विक्रय स्थल एवं भंडारण कक्ष का निरीक्षण उर्वरक निरीक्षक रामकुमार पटेल ने किया। इस दौरान पाया गया कि केंद्र में स्कंध वितरण पंजी एवं बिल बुक का विधिवत संधारण नहीं किया जा रहा था। इस पर संबंधित संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। प्राप्त जवाब के परीक्षण में यह सामने आया कि संस्था द्वारा केवल नीम कोटेड यूरिया के वितरण का ही रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 12 अप्रैल के बीच 4.8 मीट्रिक टन आईपीएल कंपनी का आयातित डीएपी उर्वरक भी वितरित किया गया था, जिसकी जानकारी जानबूझकर छुपाई गई। इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए उर्वरक निरीक्षक द्वारा केंद्र के भंडारण कक्ष में रखे समस्त उर्वरक के विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया।
    कृषि विभाग द्वारा अप्रैल माह में जिले के कुल 27 निजी एवं 7 सहकारी उर्वरक भंडारण एवं विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान 20 केंद्रों में विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें अभिलेखों का सही संधारण न होना, मूल्य सूची का प्रदर्शन न करना तथा भौतिक स्टॉक और पीओएस (पॉइंट ऑफ सेल) स्टॉक में अंतर जैसी गंभीर खामियां शामिल हैं। इन अनियमितताओं के आधार पर विभाग द्वारा कड़ी कार्रवाई करते हुए 2 केंद्रों से कुल 14.225 मीट्रिक टन उर्वरक जब्त किया गया है, जबकि शेष 18 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

   कृषि विभाग ने यह भी कहा है कि किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनियमितता या अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा आगामी दिनों में भी निरीक्षण अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि किसानों को समय पर और उचित गुणवत्ता के उर्वरक उपलब्ध हो सकें तथा कृषि व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

You may also like

Leave a Comment