सफाई के बाद कभी जलकुंभी डालने तो कभी तालाब के मेड़ से छेड़छाड़ के प्रयास का आरोप, भड़के घरघोड़ा के बाशिंदे

घरघोड़ा/रायगढ़ (सृजन न्यूज)। घरघोड़ा के बाशिंदों की लंबे समय से चली आ रही मांग और लगातार प्रयासों के बाद बागमुड़ा तालाब की सफाई कर उसे नया स्वरूप दिया गया। जिस तालाब में कभी जलकुंभी और गंदगी के कारण पानी तक दिखाई देना मुश्किल था, आज वह काफी हद तक साफ नजर आने लगा है। लेकिन, सफाई के बाद तालाब को दोबारा गंदा करने की कथित कोशिशों ने नगरवासियों की चिंता बढ़ा दी है।
नगरवासियों का आरोप है कि कुछ विकास विरोधी और विघ्नसंतोषी तत्वों द्वारा बागमुड़ा तालाब को पुनः गंदा करने के लिए बार-बार ऐसी गतिविधियां की जा रही हैं। कभी तालाब में जलकुंभी एवं जलीय वनस्पतियां पहुंचने की बात सामने आती है, तो कभी रात के अंधेरे में तालाब की मेड़ और पानी के निकासी मार्ग से छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत सामने आती है। हाल ही में ऐसी ही घटना में छोटे मुड़ा की ओर से गंदा पानी, कचरा और पत्तियों का पानी बागमुड़ा तालाब की ओर पहुंचने की स्थिति सामने आई। नगरवासियों की शिकायत के बाद नगर पंचायत ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पानी के इस प्रवाह को रोकने की कार्रवाई की।
सवाल यह है कि तालाब साफ होने के बाद आखिर बार-बार ऐसी स्थिति क्यों बन रही है? लोगों का कहना है कि यदि यह सब प्राकृतिक कारणों से हो रहा है तो इसका स्थायी समाधान किया जाना चाहिए। लेकिन यदि किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर तालाब को गंदा करने या सफाई के बाद उसकी स्थिति फिर खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए।।बागमुड़ा तालाब की सफाई किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है। जनता, जनप्रतिनिधियों और नगर पंचायत के सामूहिक प्रयास से यह काम संभव हुआ है। ऐसे में सार्वजनिक संपत्ति को दोबारा खराब करने का कोई भी प्रयास सीधे तौर पर पूरे नगर के हित के विरुद्ध माना जाएगा।
नगरवासियों का कहना है कि घरघोड़ा में सड़क, नाली, तालाब, भवन और अन्य जनहित के विकास कार्यों को लेकर यदि किसी को कोई आपत्ति है तो वह नियम और तथ्यों के आधार पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। लेकिन विकास कार्य रुकवाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जानी चाहिए। यह भी चर्चा है कि कुछ लोग लंबे समय से नगर के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर विरोध की स्थिति पैदा करते रहे हैं। यदि किसी कार्य में वास्तविक अनियमितता है तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन हर विकास कार्य को विवाद में डालने की प्रवृत्ति से अंततः नुकसान घरघोड़ा की जनता का ही होता है।
पब्लिक का स्पष्ट कहना है कि घरघोड़ा को आपसी विवाद और खींचतान नहीं, बल्कि विकास, स्वच्छता और बेहतर नागरिक सुविधाओं की जरूरत है। इसी विषय को लेकर घरघोड़ा के नागरिकों, पत्रकारों एवं प्रबुद्धजनों ने नगर पंचायत अध्यक्ष के निवास पर पहुंचकर पूरे मामले पर गंभीर विचार-विमर्श करते हुए यह चिंता भी जताई कि यदि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने अथवा विकास कार्यों में बाधा उत्पन्न करने की शिकायतें सामने आती हैं, तो ऐसे मामलों में तथ्यों के आधार पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
बैठक में यह सुझाव भी सामने आया कि लोगों को जागरूक करने के लिए बागमुड़ा तालाब से जुड़े घटनाक्रम, सफाई से पहले की स्थिति, सफाई के बाद हुए बदलाव तथा सामने आई शिकायतों की तथ्यात्मक जानकारी लोगों तक पहुंचाई जाए, ताकि जनता स्वयं सच्चाई को समझ सके। आखिर जिस तालाब को वर्षों की गंदगी से निकालकर साफ किया गया, उसे दोबारा उसी स्थिति में पहुंचने से बचाना किसकी जिम्मेदारी है?







