एनडीआरएफ और एसडीआरएफ आपदा टीम ने लात नाला में समाए कार को अंततः खोज निकाला, गाड़ी की पिछली सीट में पत्नी की गोद मे मिला पति का शव

सारंगढ़-बिलाईगढ़ (सृजन न्यूज)। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और एसपी सुनील शर्मा के संग एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला आपदा राहत की टीम ने मिलकर लगातार काम किया। इससे लात नाला (माधोपाली पुल) में हुए हादसे में कार समेत बहे दम्पत्ति के शव आखिरकार बरामद कर लिए गए हैं। लगातार चले रेस्क्यू अभियान के दौरान कार को नदी से बाहर निकाला गया, जिसमें चालक देवनारायण पटेल (पूर्व सरपंच) एवं उनकी पत्नी के शव कार के अंदर ही मिले। गाड़ी के पीछे सीट में पति, पत्नी के गोद में थे। इस दाम्पत्य का हृदय विदारक मौत हुआ।
घटना रविवार शाम का था जो बुधवार को 4 दिन में बड़ी मशक्क़त के बाद मिला इस रेस्क्यू ऑपरेशन में रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर, कोरबा के कई टीम बड़ी मेहनत किया जिससे सफलता मिल गया। इस दर्दनाक हादसा के रेस्क्यू को देखने के लिए हजारों से भी अधिक लोग देखने गये। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमें लगातार बचाव एवं खोज अभियान में जुटी हुई थीं। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने लगातार प्रयास जारी रखे और अंततः कार सहित दोनों शवों को बरामद कर लिया।
कार मिलने की सूचना से बॉडी निकालते तक कलेक्टर एसपी घटना स्थल पर मौजूद रहे। इससे पहले घटना दिनांक से कलेक्टर एसपी इस अभियान का लगातार मॉनिटरिंग कर रहे थे। कलेक्टर ने जिले के लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी- नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम न उठाएं। थोड़ी-सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सुरक्षा निर्देशों का पालन करना ही सबसे बड़ा बचाव है।







