मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय होंगे मुख्य अतिथि, वित्त मंत्री ओपी चौधरी करेंगे अध्यक्षता

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। संस्कृत, हिंदी, अंग्रेजी भाषा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सुख-दुःख के साथी (विप्र परिवार) द्वारा आयोजित निःशुल्क ऑनलाइन भाषा शिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ सितम्बर में प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मुख्य आतिथ्य में संपन्न होगा। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता रायगढ़ विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी करेंगे।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं थावे विद्यापीठ गोपालगंज (बिहार) के कुलपति डॉ. विनय कुमार पाठक, शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉ. तरूण धर दीवान, रामदास द्रौपदी फाउंडेशन के चेयरमैन एवं प्रखर समाजसेवी सुनील रामदास सहित दो अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की अति विशिष्ट रूप में उपस्थिति रहेगी।
प्रतिनिधि मंडल ने ओपी को दिया आमंत्रण
कार्यक्रम के शुभारंभ के लिए आमंत्रण देने और अध्यक्षता के अनुरोध के लिए 24 जुलाई को विप्र परिवार का एक प्रतिनिधि मंडल संस्था के अध्यक्ष सुरेश कुमार दुबे के नेतृत्व में वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मिला। प्रतिनिधि मंडल में भानु प्रताप मिश्र, अवधमणी तिवारी, ऋषिकांत पांडेय और अनुदीप मिश्र उपस्थित रहे। प्रतिनिधि मंडल ने वित्त मंत्री को कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी भाषा की निःशुल्क ऑनलाइन कक्षाएं प्रारंभ की जा रही हैं। इस शिक्षण कार्यक्रम में छात्र, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और भाषा सीखने के इच्छुक सभी लोग बिना किसी आयु सीमा बाधा के शामिल हो सकते हैं । कक्षाएं प्रतिदिन सुबह 8 से 9 बजे तक और रात 8 से 9 बजे तक संचालित की जाएंगी। इच्छुक प्रतिभागी संस्था द्वारा जारी गूगल फॉर्म भरकर पंजीयन कर सकते हैं।
भाषा विशेषज्ञों की होगी सहभागिता
इन कक्षाओं में आचार्य धनंजय शास्त्री, प्रकाश शर्मा, भानु प्रताप मिश्र, डॉ. विभाष झा एवं अन्य 20 भाषाविद् प्रशिक्षण देंगे । सुख-दुःख के साथी (विप्र परिवार) के अध्यक्ष सुरेश दुबे, कार्यक्रम संचालक भानु प्रताप मिश्र एवं संचालक मंडल के अन्य सदस्य इस आयोजन को सफल बनाने के लिए समन्वय कर रहे हैं।
भाषा और संस्कृति संरक्षण की पहल
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए भानु प्रताप मिश्र ने बताया कि भारत की प्राचीन संस्कृति, साहित्य और ज्ञान परंपरा को समझने के लिए संस्कृत आवश्यक है, हिंदी हमारी मातृभाषा और अभिव्यक्ति की सरल भाषा है, तथा अंग्रेजी आज के समय में व्यवसाय, शिक्षा और वैश्विक संचार का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से भाषा सीखने, संस्कृति से जुड़ने और संचार कौशल विकसित करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने प्रतिनिधि मंडल के आमंत्रण को स्वीकार करते हुए कार्यक्रम की प्रशंसा की और कहा कि यह सराहनीय पहल है।







