नृत्य विधाओं से थिरकेगा मंच, वाद्य यंत्रों से गुंजायमान होगा चक्रधर समारोह

by SUNIL NAMDEO
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लोक कलाओं और नृत्यों में सराबोर होगी प्रादेशिक संस्कृति

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। रायगढ़ का प्रसिद्ध चक्रधर समारोह का मंच इस बार देशभर के विभिन्न नृत्य विधाओं को समाहित कर थिरकेगा, वही वाद्य यंत्रों की मधुर संगीत से वातावरण गुंजायमान होगा। साथ ही विभिन्न लोक कला और नृत्य अपने प्रदेशिक संस्कृति की छटा बिखरेती नजर आएगी।

                            39 वें चक्रधर समारोह में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, मणिपुरी नृत्य के साथ-साथ असमिया सत्रिया नृत्य, ओडिशी, मणिपुरी नृत्य विधाओं की मनमोहक प्रस्तुति होगी। इसमें भरतनाट्यम् में नृत्यांगना पद्मश्री सुश्री हेमा मालिनी, पद्मश्री देवयानी और मीनाक्षी शेषाद्रि विशेष आकर्षण के साथ मंच को सुशोभित करेंगी। वहीं, भूपेंद्र बरेठ, श्रीमती पूर्णाश्री राउत, सुश्री दीपान्निता सरकार, पद्मश्री रंजना गौहर, सुश्री जया दीवान, सुश्री धरित्री सिंह चौहान, शैंकी सिंह, गजेंद्र पंडा, सुश्री आर्या नंदे, सुश्री नित्या खत्री, श्रीमती बासंती वैष्णव एवं ज्योतिश्री बोहिदार, सुश्री सौम्या नामदेव, सुश्री विधि सेन गुप्ता, सुश्री दीपमाला सिंह, उपासना भास्कर, शुश्री दीक्षा घोष, सुश्री अवंतिका विश्वकर्मा, डॉ. आरती सिंह, डॉ. जी. रथीस बाबू, सुश्री शार्वी केशरवानी, सुश्री भद्रा सिन्हा, लकी मोहंती, सुश्री मृदु स्मिता दास, सुश्री विद्या प्रदीप एवं साथी, सुश्री शाश्वती बनर्जी, कृष्णभद्र नंबूदरी, डॉ. रघुपत रूनी श्रीकांत, सुश्री पौशाली चटर्जी, आलोक श्रीवास, सुश्री पलक देवांगन, सुश्री भूमिसूता मिश्रा, पद्मश्री देवयानी, सुश्री वेदिका शरण, सुश्री माया कुलश्रेष्ठ अपनी नृत्य प्रस्तुति देंगे। इनके नृत्य से पूरा चक्रधर समारोह का मंच विभिन्न विधाओं से थिरकता नजर आएगा।

                      सरोद वादन में सौगत गांगुली, फ्यूजन के तहत तबला, संतूर, सितार में जीतू शंकर और ग्रुप, अकार्डियन वादन में तपसीर मोहम्मद एवं साथी, बांसुरी और तबला वादन में राकेश चौरसिया, सितार वादन में सुश्री अनुष्का सोनी, तबला वादन में अंशु प्रताप सिंह, संतूर तबला वादन में राहुल शर्मा एवं रामकुमार मिश्रा के वाद्य यंत्रों से पूरा मंच से गुंजायमान होगा।

छत्तीसगढ़ के साथ अन्य राज्यों के प्रादेशिक संस्कृति की देखेगी झलक
चक्रधर समारोह में छत्तीसगढिय़ा के साथ असम की लोक नृत्य और संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। इसमें करमा लोक नृत्य में श्री मनिहर भगत मनमोहक प्रस्तुति देंगे। इसी प्रकार इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा राज्य में प्रचलित विविध छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति एवं पद्मश्री अनुज शर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकगायन के साथ ही छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गेड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति अनिल कुमार गढ़ेवाल द्वारा की जाएगी। हुतेन्द्र ईश्वर शर्मा छत्तीसगढ़ी नृत्य संगीत में अपनी प्रस्तुति देंगे। इसी प्रकार बीहू असम की लोक नृत्य बिहू त्यौहार से संबंधित है और असमिया संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें समूह में किया जाने वाला बीहू नर्तक आमतौर पर युवा पुरुष और महिलाएं होते हैं और नृत्य शैली की विशेषता तेज कदमों और तेजी से हाथ की हरकतें होती हैं। नर्तकियों की पारंपरिक वेशभूषा लाल रंग की थीम पर केंद्रित होती है, जो खुशी और जोश का प्रतीक है। इसकी प्रस्तुति सुश्री मानसी दत्त एवं साथी द्वारा किया जाएगा।

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