रक्तदान शिविरों के पूरे रिकॉर्ड का सच जनता के सामने लाए प्रशासन

by SUNIL NAMDEO
0 comment
img-20260221-wa01799122518692518146593.jpg
previous arrow
next arrow

आम जनता के सेवक ने कैम्प में जमा होने वाले ब्लड यूनिट्स के उपयोग का मांगा हिसाब

रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। जिले में बहुत सारे सामाजिक संगठन और प्राइवेट अस्पताल के सहयोग से साल भर में 15 से 20 रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं। रक्तदान से साल भर में लगभग 5000 यूनिट ब्लड डोनेशन होता है। बजरंग अग्रवाल ने कहा कि लोग बड़े उत्साह के साथ अपने खून को दान करने शिविरों में पहुंचते हैं लेकिन इसका कोई हिसाब किताब नहीं है कि दान किए गए खून जरूरतमंदों को निःशुल्क मिलता है। रकदाता के द्वारा दान किया गया रक्त वास्तव में जरूरतमंद तक निःशुल्क पहुंचता है, यह जानने का अधिकार भी उस रक्तदाता को है।

       सामाजिक संगठनों द्वारा रक्तदान शिविर लगाना अच्छी बात है। रक्तदान शिविर लगाने वाले सामाजिक संस्था को भी यह बात स्पष्ट करनी चाहिए यह रक्त जो आता है उसका स्टोरेज किस-किस ब्लड बैंक में किया जाता है एवं उसे ब्लड बैंक से नि:शुल्क बिना ब्लड लिए कितने लोगों को प्रतिवर्ष दिया जाता है। इसका रजिस्टर मेंटेन किया जाता है कि नहीं। जिसको भी नि:शुल्क ब्लड दिया जाता है, उसका नाम, पता, मोबाइल नंबर सारा रिकॉर्ड रखा जाता है कि नहीं। यह सब रक्तदान शिविर के आयोजकों को भी रखना चाहिए। यह मांग आम जनता के सेवक बजरंग अग्रवाल ने सभी रकदान शिविर आयोजकों से की है कि ब्लड बाजार में डोनेशन वाला बिक्री न हो इसकी निगरानी आवश्यक है। अगर ब्लड बिक्री होगी तो शिविर लगाना व्यर्थ है, क्योंकि गरीबों जरूरमंद को नि:शुल्क ब्लड नहीं मिलेगा तो इन चीजों का कोई औचित्य नहीं है। अभी तक पिछले 5 साल में लगभग 20000 बोतल ब्लड डोनेशन हुआ है। उसका पूरा हिसाब सामाजिक संस्थाओं को मीडिया के जरिए जनता को बताना चाहिए ताकि ब्लड देने वाला भी गर्व महसूस करें कि मेरा ब्लड किसी जरूरतमंद को निःशुल्क मिला है। वहीं, जिला प्रशासन की भी यह जवाबदेही होती है कि इस ब्लड डोनेट शिविरों में जो ब्लड आता है उसकी पूरी निगरानी स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निर्देश देकर करवानी चाहिए। शिविरों में एकत्रित खून जरूरतमंदों को नि:शुल्क मिलना चाहिए। आम जनता के सेवक बजरंग अग्रवाल ने जिला प्रशासन से भी मांग की है कि पिछले 5 साल में जितने भी ब्लड डोनेशन कैंप लगे, उसके पूरे रिकॉर्ड प्राप्त कर यह जांच करनी चाहिए कि उसमें आया हुआ ब्लड नि:शुल्क बंटा की नहीं। कहीं उसका दुरुपयोग तो नहीं किया गया है, यह प्रशासन की जवाबदेही बनती है।

You may also like

Leave a Comment