एनटीपीसी तलईपल्ली ने विश्व पर्यावरण दिवस पर किया मियावाकी वन का उद्घाटन

by SUNIL NAMDEO
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जैव विविधता और पारिस्थितिक पुनर्स्थापन को बढ़ावा देने के लिए 2.1 हेक्टेयर क्षेत्र में लगेंगे 12,500 से अधिक पौधे

घरघोड़ा/रायगढ़ (सृजन न्यूज)। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर एनटीपीसी तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना ने पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए 2.1 हेक्टेयर में मियावाकी पौधरोपण क्षेत्र का उद्घाटन किया। यह पहल जैव विविधता को बढ़ावा देने और पारिस्थितिक संतुलन को सुधारने के उद्देश्य से की गई।

       इसका शुभारंभ अखिलेश सिंह, परियोजना प्रमुख, तलईपल्ली कोयला खनन परियोजना ने किया। इस अवसर पर एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी, जिला वन विभाग, और आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सुनील सिंह, क्षेत्रीय प्रबंधक, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम, के साथ अन्य अधिकारियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में श्री सिंह ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य पर प्रतिबद्धता शपथ दिलाई।

                    मियावाकी पद्धति, जिसे जापानी वनस्पति वैज्ञानिक डॉ. अकीरा मियावाकी द्वारा विकसित किया गया है, में देशज प्रजातियों के पौधों को सघन रूप से लगाया जाता है, जो तेजी से बढ़ते हैं और एक प्राकृतिक जंगल की संरचना का निर्माण करते हैं। 12,500 से अधिक देशज पौधों के साथ एनटीपीसी तलईपल्ली द्वारा विकसित किए इस क्षेत्र में आगामी चंद वर्षों में एक स्वयं-पोषित हरित पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तित हो जाएगा। इस मानव विकसित जंगल में साल, जामुन, नीम व फलाहार जैसे स्थानीय और पारिस्थितिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों की प्रजातियाँ सम्मिलित होंगी।

             इस अवसर पर अखिलेश सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए इस पहल के दीर्घकालिक पर्यावरणीय लाभों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “मियावाकी वृक्षारोपण परियोजना और आस-पास के समुदायों के लिए एक हरित फेफड़े का कार्य करेगा। यह सतत खनन और पर्यावरणीय संरक्षण के प्रति तलईपल्ली परियोजना कि प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

            वन विभाग के अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को मियावाकी तकनीक का सजीव प्रदर्शन और विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के पश्चात पौधरोपण अभियान भी चलाया गया, जिसमें श्री सिंह के नेतृत्व में एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न हितधारकों ने भाग लिया। यह पहल तलईपल्ली क्षेत्र की पारिस्थितिक बहाली, कार्बन अवशोषण और भूमिगत जल पुनर्भरण में सहायक सिद्ध होगी, साथ ही यह पहल एनटीपीसी तलईपल्ली की हरित प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

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