केआईटी के असिस्टेंट प्रो. पीके सेन को मिली पीएचडी की उपाधि

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। अंचल के होनहार छात्र और वर्तमान में किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केआईटी) के मैकेनिकल विभाग के सहायक प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष प्रकाश कुमार सेन को स्थानीय ओपी जिंदल विश्वविद्यालय के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग से पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई है।

                         उन्होंने अपना शोध “फटिग एनालिसिस ऑफ द रेल ऑन द वेल्डमेंट” में विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. महेश भिवापुरकर एवं आईआईटी रुड़की के प्रो. डॉ. सूरज प्रकाश हर्ष के मार्गदर्शन में पूर्ण किया। शोध कार्य में उन्होंने अपने कार्य को कई शोध पत्रों एवं तकनीकी सम्मेलनों में प्रकाशित किया। शोध के लिए प्रयोग काफी कठिन थे और उनकी रायगढ़ में उपलब्धता भी नहीं थे। तमाम मुश्किलों के बाद प्रकाश ने अपने अथक परिश्रम से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है।

                        प्रकाश सेन अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, मार्गदर्शकगणों, अपने बड़े भाई डॉ. गिरीश मिश्रा एवं मित्रगणों को देते हैं जिनके प्रेम एवं आशीर्वाद से उन्हें यह उपाधि प्राप्त हुई। मेकेनिकल इंजीनियरिंग के शिक्षकों में डॉ. प्रकाश सेन का नाम पूरे प्रदेश में विख्यात है। दो दशक से अधिक समय से वो अध्यापन का कार्य कर रहे हैं। उनके छात्र ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश- विदेश खूब नाम कमा रहे हैं। पीचडी की उपाधि से सम्मानित होने पर केआईटी समेत छात्रों में हर्ष का माहौल है।

             मेकेनिकल ब्रांच को इंजीनियरिंग का कोर ब्रांच माना जाता है। मशीनों को छात्रों से रू-ब-रू कराना और उसके सिद्धांत को छात्रों को सरल भाषा में समझाना डॉ. प्रकाश सेन की खासियत है। पीएचडी के बाद अब वह आम जीवन के मैकेनिक्स पर किताब लिखने का मन बना चुके हैं। इसमें उनकी इंजीनियरिंग और मशीनों की दक्षता एक आम इंसान को दिनचर्या की छोटी चीजों में मैकेनिक्स बताएगी। बकौल डॉ. प्रकाश कुमार सेन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में जहां मशीनें भी अब ऑटोमैटिक से सेंसर और वाइस कमांड पर आ गई हैं, वहां अभी भी इनके बेसिक को समझा जाता है। इसी से आगे नवाचार होगा। बेसिक पर हम कार्य करते हैं, बाकी छात्र स्वयं अपना रास्ता तय कर लेते हैं।

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