रायपुर (सृजन न्यूज)। प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष रायपुर जवाहर यादव द्वारा अनुकंपा नियुक्ति लिपिक की बैठक गत 14 फरवरी को आहूत की गई, जिसमें पूरे प्रदेश के अनुकंपा नियुक्त लिपिक शामिल हुए।

लिपिकों ने अपनी मुख्य समस्या कोष, लेखा एवं पेंशन द्वारा की गई वसूली और 2024 से शीघ्रलेखन तथा मुद्रलेखन परिषद द्वारा लिए जा रहे कौशल परीक्षा जो एक सामान्य अभ्यर्थी एवं अनुकम्पा नियक्ति दोनों के लिए एक ही मापदंड रखने के समस्या के बारे में विस्तृत चर्चा की। शासन के विभिन्न विभागों में अनुकंपा नियुक्ति आदेशों में भिन्नता तथा एक ही नियोक्ता के 6 माह के भीतर ही प्रसारित अनुकम्पा आदेशों आ रही घोर भिन्नता के कारण वेतन वृद्धि लगाने पर कोष लेखा और पेंशन द्वारा की गई वसूली पर लोक हित में सहानूभूति पूर्वक शिथिल करने हेतु शासन से मांग रखी गई है।

वहीं, विभागों के द्वारा नियुक्ति आदेश प्रसारित के पश्चात भी समय पर कौशल परीक्षा का आयोजन ना किया जाना खेद का विषय है। इससे कर्मचारी आर्थिक लाभ से वंचित है और राजपत्र में शीघ्रलेखन व मुद्रलेखन परिषद द्वारा ही एकमात्र विकल्प घोषित करने का शासन द्वारा लिए गए निर्णय का संगठन विरोध करता है। शीघ्रलेखन व मद्रलेखन परिषद द्वारा लिए जा रहे परीक्षा के साथ पूर्व की भांति नियोक्ता को भी यह अधिकार दिया जाए कि वह अपने नियुक्ति किए गए कर्मचारी का समय – समय पर कौशल परीक्षा आयोजित किया जाए जिससे अधिक से अधिक कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का समय पर लाभ मिल सके।
इस बैठक में अमितेष तिवारी, राजकुमार साहू, विभोर चर्तुवेदी, नेहा जायसवाल, हनी पांडेय, सोन् शर्मा, दीपक तिवारी, अभिषेक नेताम, लोकेश टेंभरें, रमाकान्त मरकाम, मनोजीत राय, गजेन्द्र कुमार, राहुल साहू, लोक नारायण आदि लिपिक मौजूद रहे।
