तारापुर संकुल में गुरु पूर्णिमा उत्सव पर हुआ गुरु वृंदों का सम्मान

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा दिए गए निर्देश का परिपालन करते हुए गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष में संकुल केन्द्र तारापुर के विभिन्न विद्यालयों में गुरु पूर्णिमा उत्सव मनाते हुए छात्र-छात्राओं द्वारा गुरुजनों का सम्मान किया गया।

           शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तारापुर में गुरु पूर्णिमा उत्सव कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु प्रतीक रूप में गुरुदेव रविंद्र नाथ टैगोर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना के साथ किया गया। तत्पश्चात छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों को गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। प्रभारी प्राचार्य भोजराम पटेल के संरक्षण एवं निर्देशन मे कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी व्याख्याता मंजू पटेल द्वारा विशिष्ट अतिथि उपसरपंच प्रतिनिधि कैलाश निषाद को उद्बोधन हेतु आमंत्रित किया गया। प्रधान पाठक कुमार साहू एनसीसी आफिसर व्याख्याता किरण कुमार पटेल ने गुरू पूर्णिमा के संदर्भ में अपना प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक उद्बोधन दिया।

              वहीं, प्रभारी प्राचार्य भोजराम पटेल ने अपने ओजस्वी उद्बोधन के माध्यम से गुरू पूर्णिमा और इसकी मान्यता को आदि गुरू वेदव्यास के जन्म से जोड़ते हुए वर्तमान संदर्भ में इसकी उपयोगिता को रेखांकित किया गया।  छात्र – छात्राओं को गुरुजनों का सम्मान करने उनके आज्ञा का पालन करने तथा अनुशासन के साथ जीवन व्यतीत करते हुए अपने व्यक्तित्व को गढ़ने का संदेश भी दिया। अंत में विद्यालय के वरिष्ठ व्याख्याता चंद्रशेखर पटेल ने आभार प्रदर्शन करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम में विद्यालय के व्याख्याता फणेन्द्रकुमार पटेल, चंद्रकाता सिदार, ज्योति देवांगन, नीलम मालाकार, विज्ञान सहायक रामेश्वर डनसेना, रीता चौहान शिक्षक सुधाबाला नायक, मनोज कुमार, किरणकुमारी पटेल शिक्षिकाओं एवं एनएसएस के स्वयंसेवकों व छात्र छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही ।

एनएसएस स्वयंसेवकों ने सुनाई गुरु वंदना

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक छात्राओं द्वारा गुरु पूर्णिमा उत्सव के अवसर पर प्रभारी प्राचार्य एवं कार्यक्रम अधिकारी के मार्गदर्शन में गुरुदेव दया करके मुझको अपना लेना, मैं शरण पड़ा तेरी चरणों में जगह देना। इस भावपूर्ण गीत को सुनाया,जिसे समस्त छात्र-छात्राओं ने समवेत स्वर में साथ देकर गुरु के प्रति अपनी श्रद्धा भाव की अभिव्यक्ति की गई।

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