छाल/रायगढ़ (सृजन न्यूज)। चाम्पा-जांजगीर जिले के ऐतिहासिक जाज्वल्य देव लोक महोत्सव (11 से 13 फरवरी) में कला और संस्कृति की त्रिवेणी बह रही है। महोत्सव के दौरान छाल (रायगढ़) की नन्हीं कलाकार जिज्ञासा दुबे ने अपनी मनमोहक कत्थक प्रस्तुति से आयोजन में चार चांद लगा दिए। मात्र 9 वर्ष की आयु में जिज्ञासा ने जिस सधे हुए अंदाज में मंच संभाला, उसने न केवल दर्शकों को झूमने पर मजबूर किया बल्कि विशेषज्ञों की भी खूब वाहवाही लूटी।

जिज्ञासा दुबे ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत कत्थक के पारंपरिक पद संचालन और तत्कार से की। उनके चेहरे के भाव और लयबद्ध कदमों की थाप ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। जिज्ञासा अब तक छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि ओडिशा और बनारस जैसे सांस्कृतिक केंद्रों में भी अपनी कला का परचम लहरा चुकी हैं। अपनी नृत्य शैली में बनारस और अन्य घरानों की बारीकियों को समेटे हुए इस नन्हीं कलाकार ने जांजगीर की धरती पर कत्थक की एक अमिट छाप छोड़ी है।
जिज्ञासा जैसी उभरती प्रतिभाएं हमारी सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। इतनी कम उम्र में उनकी एकाग्रता और कला के प्रति समर्पण प्रेरणादायक है। उनकी इस विशेष प्रस्तुति के लिए उन्हें डिप्टी कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया।
