भाजयुमो अध्यक्ष ने तंज कसते हुए कहा – घटना ने लगाया संगठन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान
रायगढ़ (सृजन न्यूज)। साय सरकार के कुशल सारथी ओपी चौधरी के बेहतर वित्तीय प्रबंधन की वजह से प्रदेश कांग्रेस संगठन को काम करने के लिए जीवित व्यक्ति नहीं मिल रहे। यही वजह है कि मृत व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष बना दिया है।
भाजयुमो अध्यक्ष सुमीत शर्मा ने प्रदेश ने तंज कसते हुए प्रदेश कांग्रेस संगठन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि कांग्रेस द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी 1370मंडल अध्यक्षों की सूची में इन्दागांव मंडल अध्यक्ष की जवाबदारी ब्लाक कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं आदिवासी नेता स्वर्गीय रूपेंद्र सोम को दी गई। स्वर्गीय रूपेंद्र को श्रद्धांजलि देते हुए सुमीत शर्मा ने कहा, कांग्रेस ने मृत व्यक्ति को अध्यक्ष बनाकर परिजनों का मजाक उड़ाया है। इसके लिए कांग्रेस को लिखित में माफी मांगते हुए यह विश्वास दिलाना चाहिए कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृति नहीं होगी।
सुमीत शर्मा ने आगे कहा कि संगठन के नेता वातानुकूलित मानसिकता से बाहर नहीं आ पा रहे। उनकी भूमिका केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित होकर रह गई है, जबकि जमीनी हकीकत इसके विपरीत ही है। भूपेश सरकार को जनता ने जब अवसर दिया तो उसने कोयला घोटाला, भर्ती घोटाला, शराब घोटाला को अंजाम देते हुए प्रदेश की छवि को दागदार बनाया। वहीं भाजपा नेतृत्व ने एक आदिवासी को मुख्यमंत्री बनाया और होनहार व्यक्ति को वित्त मंत्री बनाया। इसका सुखद परिणाम जनता के सामने है। प्रदेश के सभी जिलों में नालंदा परिसर खोले जाने के निर्णय ने प्रदेश के युवाओं में सरकार के प्रति विश्वास का नजरिया बनाया है।
युवा नेता ने यह भी कहा कि आज भी विपक्ष एक आदिवासी नेतृत्व वाले सरकार पर अर्नगल आरोप लगाकर प्रदेश की छवि को दागदार बना रहा है। मृत व्यक्ति को मंडल अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने यह प्रमाणित कर दिया कि अब संगठन को जीवित व्यक्ति नहीं मिल रहे है।

























































































