रेलवे रेक पॉइंट में कोयले में डस्ट मिलावट का हो रहा लाखों का खेल

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज)। पर्यावरण मित्र संदेश के अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि रायगढ़ में कोल माफियाओं की वजह से प्रदूषण में 100% बढ़ोतरी हो रही है। रायगढ़ में स्पंज आयरन पावर प्लांट कोल आधारित उद्योग दर्जनों की संख्या में स्थापित है। प्रतिदिन लाखों टन कोयला जलता है। यह कोयला 100% रेल के रेक पॉइंट से एवं ट्रांसपोर्टिंग से फैक्ट्री में आता है।

      रायगढ़ से 40 किलोमीटर के अंदर जितने भी रेक पॉइंट है, वहां काला धंधा बड़े जोरों से होता है। कोयले में स्पंज आयरन का बैक फिल्टर का डस्ट 250 रुपए टन वाला 50% कोयले में मिला दिया जाता है। इसके कारण जो उद्योगों में कोयला जलता है उस डस्ट के मिलावट के कारण प्रदूषण बहुत अधिक मात्रा में होता है। पहले तो निम्न स्तर का कोयला पावर प्लांट एवं स्पंज आयरन में जलाया जाता है। उसके बाद कोल माफियाओं के द्वारा रेल रैक पॉइंट पर एवं कोल वासरी में हजारों टन डस्ट मिलकर कोयले को और प्रदूषण युक्त कोयला बना दिया जाता है।

              आम जनता के सेवक एवं पर्यावरण मित्र बजरंग अग्रवाल ने जिला और पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि सारे रैक पॉइंट की निगरानी करवाई जाए। डस्ट मिलने के धंधे को तत्काल बंद करवाते हूए दोषी लोगों को जेल भेजा जाए। बजरंग अग्रवाल ने बताया कि रायगढ़ पर्यावरण मित्र भी हर एक रेट पॉइंट की अपने स्तर पर निगरानी करवा रहा है। बहुत जल्दी मिलावट करने वाले कोल माफियाओं के नाम सामने लाएगा और इनका पर्दाफाश करेगा। कोल माफियाओं के द्वारा यह डस्ट मिलकर जो प्रतिदिन लाखों रुपए की हेरा-फेरी की जा रही है, इसका शीघ्र भाड़ाफोड़ होने वाला है।

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