रायगढ़ का प्रथम व्यावसायिक परिसर बना असामाजिक तत्वों का अड्डा

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। शहर के ढिमरापुर रोड में जगतपुर स्थित कृष्णा कॉम्प्लेक्स में मेंटेनेंस फंड की कमी होने के चलते सफाई कामगारों के अवकाश में जाने से हालात इस कदर खराब होने लगा है कि साफ-सफाई के अभाव में अब यह बदइंतजामियां का शिकार होकर रह गया है। उचित रखरखाव का टोंटा होने के अलावे असामाजिक तत्वों का अड्डा बनने से कॉम्प्लेक्स परिसर की तस्वीर अब बेनूर होने लगी है।
कृष्णा कॉम्प्लेक्स रायगढ़ के प्रथम व्यवसायिक परिसर के नाम से जाना जाता है। अब यह कॉम्प्लेक्स अपनी लाचारी और उचित व्यवस्थाओं की कमी की वजह से पिछड़े हुए कॉम्प्लेक्स की गिनती में शुमार होने लगा है। कृष्णा कॉम्प्लेक्स में 3-4 बैंक संचालित होते हैं। इनमें पंजाब नेशनल बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक शामिल है, साथ ही एयरटेल कंपनी का कॉर्पोरेट ऑफिस का उद्घाटन भी पिछले महीने हुआ है। यहीं नहीं, इस कॉम्प्लेक्स में रायगढ़ शहर के अधिकतर सीए (चार्टेर्ड अकाउंटेंट ) भी अपनी अपनी ऑफिस का संचालन करते हैं। इनके अलावा कुछ निजी छोटे-बड़े उद्योग के रजिस्टर्ड सिटी ऑफिस भी इसी कॉम्प्लेक्स से संचालित होते हैं। वहीं कई छोटे-बड़े व्यापारी अपनी अपनी जीविका चलाने के लिए यहाँ से अपना व्यापार संचालित करते हैं। इतने बड़े सक्षम व्यापारियों के होने के बावजूद भी यह कॉम्प्लेक्स अपनी स्थिति में कोई सुधार नहीं ला पा रहा है।
सूत्रों के अनुसार कृष्णा कॉम्प्लेक्स के पास उचित मेन्टेनेंस फण्ड ना होने की वजह से बीते 1 अप्रैल से तमाम बुनियादी सुविधाएं जैसे पानी, बिजली, शौचालय, साफ-सफाई की उचित व्यवस्थाओं की पूर्ति नहीं हो पा रही है, जिससे वहां दुकान संचालित करने वाले व्यापारियों के साथ उन आम लोगों को भी बेहद तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है जो रोजाना बैंक कार्य से या अपने अन्य निजी कार्यों की वजह से आना जाना करते हैं।
गुजरे 1 अप्रैल 2026 से मेन्टेनेंस फण्ड की कमी होने की वजह से वहां के साफ-सफाई कर्मचारियों ने अवकाश ले लिया है, जिससे किसी भी प्रकार की उचित सफाई नहीं हो रही है। अगर ऐसा ही हाल रहा तो यह परिसर जल्द ही गंदगी के ढेर में तब्दील होते ही बीमारियों को आमंत्रित करने वाला जगह भी बन सकता है।
कृष्णा कॉम्प्लेक्स की बदइंतजामियों का फायदा वो शराबी और गंजेड़ी उठा रहे हैं, जिन्हें ऐसी ही जगह की तलाश होती है जहाँ उन्हें देखने वाला कोई नहीं होता। शाम का अंधेरा होते ही कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में अय्याशी करने के लिए नशाखोरों का जमावड़ा देखते ही बनता है। सोचने वाली बात है कि रायगढ़ का प्रथम व्यवसायिक परिसर आज क्यों शहर का सबसे पिछड़ा हुआ कॉम्प्लेक्स बनने की ओर अग्रसर होकर अपनी भव्यता और गरिमा खोने के लिए मजबूर है।




