चक्रधर समारोह : शास्त्रीय संगीत के साथ लोक कला के दिखेंगे रंग

by SUNIL NAMDEO
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गायन और वादन के साथ नृत्य की विविध शैलियों की होगी प्रस्तुति

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। देश और विदेश में भी ख्यातिप्राप्त चक्रधर समारोह का आगाज 27 अगस्त से होने जा रहा है। कला के कई रूपों के साधकों और फनकारों की प्रतिभा का गवाह समारोह का मंच बनेगा। इस वर्ष समारोह में शास्त्रीय संगीत के साथ लोक कलाओं का संगम देखने को मिलेगा। शास्त्रीय गायन और वादन के साथ नृत्य की विभिन्न शैलियों की प्रस्तुतियां होने जा रही है।
                    शास्त्रीय कला रूपों के लिए एक सशक्त और अभिव्यक्त मंच के रूप में विख्यात चक्रधर समारोह के इस संस्करण में कथक नृत्य के साथ ओडिसी, भरतनाट्यम और शास्त्रीय नृत्य शैलियों को इस इस विधा के जानेमाने कलाकारों द्वारा मंच में जीवंत किया जाएगा। इन नृत्य शैलियों में कथक जहां उत्तर भारत का प्रतिनिधित्व करता है तो ओडिसी पूर्व और भरतनाट्यम दक्षिण भारत के प्रसिद्द नृत्य है। ये नृत्य शैलियां भारत की प्राचीन संस्कृतिक और कलात्मक विरासत की अभिव्यक्ति हैं और अपनी अनूठी नृत्य मुद्राओं, वेशभूषा, संगीत और कथा वाचन के लिए जाने जाते हैं। शास्त्रीय गायन के साथ वादन से कलाकार सुर और ताल का अनूठा संगम पेश करेंगे। चक्रधर समारोह में इस दफे सितार की मधुर गुंज, तबले की लयबद्ध थाप, संतूर जिसे सौ तारों वाली वीणा कहा जाता है के मिठास भरे सुर के साथ बांसुरी की स्वर लहरियों को सुनने का मौका मिलेगा।
                     एक ओर जहां शास्त्रीय नृत्यों के प्रस्तुतियां होंगी वहीं दूसरी ओर छत्तीसगढ़ की लोक कलाओं के विविध रूप का साक्षी चक्रधर समारोह का मंच बनेगा। जिनमें प्रदेश के प्रसिद्ध पंथी नृत्य की प्रस्तुति होगी। लोकगीतों और लोकरंग प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकार छत्तीसगढ़ के जनजीवन में रचे बसे कला के रंगों को मंच पर बिखेरेंगे। छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ से निकल कर राष्ट्रीय पटल पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके मलखम्ब के खिलाड़ी भी चक्रधर समारोह में शिरकत करेंगे। इंडियाज गॉट टैलेंट के विनर्स और अतंर्राष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों के अद्भुत योग और जिम्नास्टिक मुद्राओं का प्रदर्शन समारोह में देखने को मिलेगा।

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