आदिवासी बालक छात्रावास में लगा विश्व साक्षरता शिविर

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। छ.ग.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के प्राप्त निर्देशानुसार एवं प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष जितेंद्र कुमार जैन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ और तालुका अध्यक्ष/विशेष न्यायाधीश (FTSC पॉक्सो) शहाबुद्दीन कुरैशी के मार्गदर्शन तथा जिला अपर सत्र न्यायाधीश अभिषेक शर्मा के तत्वावधान में आज विश्व साक्षरता शिविर का आयोजन प्री मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास घरघोड़ा में किया गया।

शिविर में बच्चों को जानकारी दी गई कि ज्ञान ही शक्ति है और शिक्षा ही विकास का सबसे बड़ा आधार है। इसी सोच को दुनिया भर में मजबूत करने के लिए हर साल 8 सितंबर को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस मनाया जाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन को जीने का सही तरीका सिखाती है। डिजिटल युग में साक्षरता का मतलब सिर्फ अक्षर ज्ञान नहीं, बल्कि डिजिटल साक्षरता भी है।

      अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस 2025 की थीम है ‘डिजिटल युग में साक्षरता को बढ़ावा देना’। 2025 तक भारत ने साक्षरता दर में प्रगति की है, लेकिन अब भी ग्रामीण इलाकों, गरीब तबकों और महिलाओं तक शिक्षा पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है। साक्षरता दिवस एक वैश्विक स्तर पर मनाया जाने वाला दिन है। इस मौके पर समाज में शिक्षा का प्रचार प्रसार किया जाता है। भारत में भी साक्षरता का स्तर बढ़ाने के लिए इस दिन को विशेष अभियान के रूप में मनाया जाता है।बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक शिक्षा के प्रचार-प्रसार को लेकर साक्षरता दिवस मनाते हैं।
            साक्षरता सिर्फ पढ़ने-लिखने की क्षमता नहीं, बल्कि समाज में समान अवसर पाने का अधिकार भी है। यह गरीबी कम करने, रोजगार पाने और महिला सशक्तिकरण में अहम भूमिका निभाती है। बच्चों को साथ ही साथ गुड टच बैड टच, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, साइबर क्राइम के बारे में भी बताया गया। आज के जागरूकता अभियान कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलेंटियर बालकृष्ण थाना पूंजीपथरा, टीकम सिदार थाना तमनार, छात्रावास अधीक्षक नवीन यादव अमित साहू एवं परमेश्वर साव की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।

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