

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने भाजपा के महापौर प्रत्याशी के लिए जीवर्धन चौहान की जीत का दावा करने वाली भाजपाईयों से ही सीधा यह सवाल पूछा है कि अगर कोई अशिक्षित, महापौर के पद पर बैठ जाए तो वह महत्वपूर्ण दस्तावेजों और फाइलों का अध्ययन कैसे करेगा और विवेकपूर्ण निर्णय कैसे लेगा?
महापौर जैसे महत्वपूर्ण पद पर बैठने वाले व्यक्ति को शहर के विकास, प्रशासन की नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभानी होती है। ऐसे में अगर वह अशिक्षित है तो यह सवाल उठता है कि वह अपने कर्तव्यों का निर्वाह कैसे करेगा? इस सवाल का जवाब देने के लिए भारतीय जनता पार्टी को अपनी रणनीति और योजना के बारे में मतदाताओं को स्पष्ट करना होगा उन्हें बताना होगा कि वे अशिक्षित महापौर को कैसे समर्थन देंगे और उनकी क्षमताओं को कैसे विकसित करेंगे ताकि वह अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर सकें।
क्योंकि, महापौर के लिए शासन कोई निज सहायक व ब्यूरोकेट्स भी नियुक्त नहीं करता तो ऐसे में जिला कांग्रेस अध्यक्ष का सवाल है कि यदि अशिक्षित कोई व्यक्ति महापौर बन जाए तो ऐसे में आखिर फ़ाइल पढ़ेगा कौन। वर्तमान में गरीबी में जीविकोपार्जन करने वाले व्यक्ति के व्यवसाय में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री, महापौर प्रत्याशी की गुमटी में जाकर चाय बनाने की फ़ोटो खिंचवाकर मददगार दिखे। वहीं वह अगर महापौर बन जाए तो क्या वहां भी ये मुख्यमंत्री ही अपने कार्यालय या मंत्रालय से रायगढ़ शहर सरकार चलवाएंगे।
अनिल शुक्ला ने आगे कहा कि इस विषय पर हम सभी ने गंभीरता से चिंतन करते हुए ये सवाल जनता के समक्ष पेश किया है कि विकास की फ़ाइल विभाग की फ़ाइल सरकारी प्रशासनिक फ़ाइल व एमआईसी की फ़ाइल जिनमे बहुत से गोपनीय दस्तावेज होते है उन सभी के अध्ययन कर निर्णय लेने हेतु बीजेपी पार्टी के सामने प्रश्नवाचक चिन्ह लगाकर सवाल किया है। मतदाताओं को भी सोचने और इस विषय पर चिंतन करने का आग्रह किया है कि आखिर फ़ाइल पढ़ेगा कौन ?फैसला आपका। अनिल शुक्ला ने कहा कि कोई अशिक्षित महापौर बने ये मतदाताओं के लिए मजबूरी नहीं है, पर हां वह पढ़ा-लिखा हो ये शहर के विकास के लिए जरूरी है।


















