रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। जिला स्तर पर व्यास पूजा और गुरु पूजन का कार्यक्रम नगर के प्रतिष्ठित शिक्षा संस्थान शासकीय पालूराम धनानिया वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय में 8 अगस्त को सम्पन्न हुआ। इसमें पीडी कॉलेज के साथ किरोड़ीमल शास. कला एवं विज्ञान महा. रायगढ़, शासकीय नवीन कालेज कुसमुरा, शास.उच्च. माध्य. विद्यालय तारापुर, तमनार इत्यादि संस्थाओं के एनएसएस प्रतिनिधि शामिल हुए।
व्यास पूजा गुरुपूजन कार्यक्रम की शुरुवात रासेयो प्रतीक पुरुष स्वामी विवेकानंद की पूजा अर्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. ज्योति सोनी के साथ विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय सेवा योजना के पूर्व विश्वविद्यालय समन्वयक डॉ. सुशील कुमार एक्का, जिला संगठक भोजराम पटेल, पीडी कॉलेज के एनससएस कार्यक्रम अधिकारी द्वय संतोषकुमार नायक (पुरुष इकाई) तथा डॉ. उषा नायक (महिला इकाई ) कुसमरा महाविद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी ईश्वर प्रसाद साहू, पीडी कॉलेज के एनसीसी आफिसर ताम्रध्वज साय पैंकरा अंग्रेजी के प्राध्यापक डॉ. हेमकुमारी पटेल पालक प्रतिनिधि लोकनाथ वैष्णव देवगांव (तमनार) की विशिष्ट उपस्थिति रही। कार्यक्रम में केजी कालेज से राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवक सुशांत पटनायक, हिमांशु पटेल, करण निर्मलकर व अन्य इकाइयों के छात्र- छात्राओं सहित कामर्स कॉलेज के स्वयंसेवकों की वृहद उपस्थिति रही ।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए पुरुष इकाई के कार्यक्रम अधिकारी संतोष कुमार नायक ने गुरु शिष्य परंपरा का बखान किया तथा एकलव्य एवं आरुणि जैसे गुरु भक्ति का उदाहरण देते हुए गुरु के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान में आज समय के साथ बदलते दौर में गुरु के प्रति घटते सम्मान व भावना के लिए वर्तमान परिवेश में इस तरह के कार्यक्रमों का महत्व बताया। उद्बोधन की शुरुवात जिला संगठक भोजराम पटेल के प्रेरक उद्बोधन के साथ हुआ। उन्होंने पौराणिक धर्म ग्रंथों एवं ऋषि मनिषियों का प्रसंग सुनाते हुए गुरु की महिमा का बखान किया तथा वर्तमान संदर्भ में इसकी उपयोगिता पर अपना वक्तव्य दिया। शहीद नंदकुमार पटेल विवि के पूर्व कार्यक्रम समन्वयक रासेयो डॉ. सुशील कुमार एक्का ने कहा कि केवल पुस्तकीय ज्ञान देने वाला गुरु नहीं होता, बल्कि व्यवहारिक और जीवन उपयोगी शिक्षा देने वाला भी सच्चा गुरु ही होता है।
पीडी कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. ज्योति सोनी ने अपने उद्बोधन में व्यास की जन्म जयंति गुरु पूर्णिमा एवं गुरु की महत्ता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बिना गुरु के हम अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर ही नहीं सकते। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. उषा नायक ने अपना अनुभव सुनाते हुए बताया कि वह अपने माता-पिता को गुरु रूप में मानते हुए उनकी प्रेरणा से स्वयं को वेद व पुराण जैसे धर्म ग्रंथों से जोड़कर इनके अध्ययन से लाभ उठाने की बात बतायी। महाभारत वेद पुराण के रचनाकार व्यास के संदर्भ में डॉ. उषा नायक ने अपना अनुभव स्वयंसेवक छात्र-छात्राओं के बीच बांटते हुए आभार प्रदर्शन की औपचारिकता पूरी कर कार्यक्रम समापन की घोषणा की। गुरुजनों को आयोजकों की ओर से श्रीफल एवं पेन देकर सम्मानित किया गया। जिला संगठक की ओर से भी प्राध्यापकों को लेखनी प्रदान कर उनका सम्मान किया गया।




