रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। भारतीय आस्था के सबसे पावन और पुनीत दिन गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को अंततः भारतीय मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के रायगढ़ जिला अध्यक्ष पद पर ताजपोशी की ऊहापोह आखिरकार अपने अंजाम तक पहुंच ही गई और युवा तुर्क विमल चौधरी को नए मुखिया की जिम्मेदारी दी गई है।
ज्ञात हो कि भारतीय मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश कुमार शर्मा रायगढ़ जिले में अध्यक्ष का पद खाली कराने के बाद एक अलग ही प्रकार के चेहरे की तलाश में मंथन करने जुट गए और उनकी तलाश खत्म होती है, जहां उनकी मुलाकात बेहद ही तेज तर्रार, शिक्षित और संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी विमल चौधरी से हुई। विमल चौधरी बचपन से ही शैक्षणिक कार्य के अतिरिक्त, साहित्यिक, सांस्कृतिक, खेलकूद और छात्र राजनीति में अपनी खासी पैठ रखते हैं। स्कूल से कॉलेज के दिनों तक जहां वह स्टेज के धाकड़ प्रस्तुति कर्ता माने जाते थे, वहीं स्काउट और एनसीसी में उनका मुकाबला करना मुश्किल था। इसके साथ ही स्कूल के दिनों से ही वह चुनाव लड़कर छात्र प्रतिनिधि बनते रहे।
किसी भी स्टूडेंट का सपना होता है कि वह अपने महाविद्यालय का लोकतांत्रिक प्रणाली से छात्र संघ अध्यक्ष बने। विमल चौधरी पालूराम धनानिया वाणिज्य एवं कला महाविद्यालय रायगढ़ में जब एमकॉम अंतिम वर्ष के छात्र थे, उस सत्र में उन्होंने छात्र संघ अध्यक्ष जैसे गरिमामय पद के लिए चुनाव लड़ा और 21 वर्षों के रिकॉर्ड को तोड़ते हुए उन्होंने छात्र संघ अध्यक्ष पद पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का दायरा स्वयं ही बढ़ाया और कुछ ऐसा कर गुजरने की ठानी जो इतिहास के पन्नों में अमिट अक्षरों में लिखा जाए। इसी लक्ष्य में आगे बढ़ते हुए उन्होंने शासकीय पालूराम धनानिया वाणिज्यिक एवं कला महाविद्यालय रायगढ़ के अपने स्वयं के नए भवन का सपना देखा और जुट गए।
उस सपने को साकार करने में उन्होंने अपनी रणनीतिक कौशल से तात्कालिक विधायक एवं मुख्यमंत्री से धन अर्जित कर कोतरा रोड में महाविद्यालय के नए भवन की शुरुआत की। किसी भी भवन की शुरुआत पूजा-अर्चना से होती है और उसका एक नाम दिया जाता है भूमि पूजन या शिलान्यास। उन्होंने यहां भी अपने लक्ष्य के दृढ़ता का परिचय देते हुए इस पूजा का नाम रखा भवन निर्माण, कार्य प्रारंभ पूजन और अंततः उनके सपनों का महल आज कोतरा रोड में पीडी कॉमर्स एंड आर्ट्स कॉलेज के नाम से जाना और पहचाना जाता है। विमल चौधरी की इस उपलब्धि के लिए महाविद्यालय जब अपनी 50 वीं वर्षगांठ बना रही थी, उस समारोह में इन्हें 50 वर्षों के इतिहास का सर्वश्रेष्ठ छात्र संघ अध्यक्ष के सम्मान से सम्मानित किया गया।
बता दें कि विमल चौधरी छात्र जीवन से बाहर आने के बाद भी अनेक सामाजिक कार्यों में लीन रहे। सरकार चाहे जिसकी भी हो, समसामयिक घटनाओं और क्षेत्र के विकास की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के माध्यम से पूरी बेबाकी से अपनी आवाज बुलंद कर सरकार के कानों तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास करते हैं। निश्चित ही शासन और प्रशासन ने इनकी लेखनी को तरजीह देते हुए कई बिंदुओं पर सकारात्मक कार्य किया।
गणेश चतुर्थी दिन प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जब इन्हें भारतीय मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के रायगढ़ जिला के अध्यक्ष नियुक्त किया गया, तो निश्चित ही उनके आने से संगठन की कुछ नई परिभाषा देखने को मिलेगी।
श्री चौधरी का कहना है कि किसी भी संगठन की जान उसके सदस्यों की संख्या पर निर्भर रहती है और सदस्यों का अपने नेतृत्व पर विश्वास ही उस संगठन की सफलता का परिचायक होता है। मेरा पहला प्रयास ही होगा कि मैं अपने संगठन में सदस्यों की संख्या पर विचार कर उनका विश्वास हासिल करने का प्रयास करूं। हमारा संगठन मजदूर और नियोक्ताओं के बीच की कड़ी का काम करेगा। हम यह प्रयास करेंगे कि उद्योग या अन्य कोई नियोक्ता और उनके अधीन काम करने वाले कर्मचारी और हमारा संगठन आपसी सामंजस्य और सौहार्द पूर्ण संबंध स्थापित करने में कामयाब होती है तो यह नियोक्ता, कर्मचारी, संगठन के हितों के साथ देश हित में सकारात्मक परिणाम देने में मिल का पत्थर साबित होगा।