दोस्त ही निकला कातिल : खाना बनाने की बात को लेकर उपजे विवाद में उतारा मौत के घाट

by SUNIL NAMDEO
0 comment
img-20260221-wa01799122518692518146593.jpg
previous arrow
next arrow

बिजली टावर कंपनी के पास चौकीदार की ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री सुलझी

रायगढ़ (सृजन न्यूज)। बिजली कंपनी के टावर के पास चौकीदार के ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को आखिरकार पुलिस ने सुलझा ली है। दरअसल, चौकीदार की हत्या अज्ञात तत्वों ने नहीं, बल्कि उसके ही दोस्त ने महज खाना बनाने की बात मो लेकर उपजे विवाद से कुपित होकर की थी और खुद को हत्याकांड का चश्मदीद बताते हुए पुलिस को गुमराह करता रहा। खैर, कातिल की चालाकी ज्यादा नहीं चली और खाकी वर्दीधारियों ने उसके गुनाह की कलाई खोलते हुए उसे हवालात तक पहुंचा दिया। किसी फिल्मी कहानी की तरह यह वारदात रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र की है।

      दरअसल, जिले के तमनार अंतर्गत ग्राम ग्राम मिलूपारा सिदार पारा नहर पार में बिजली कंपनी के टावर में चौकीदार का काम कर रहे चौकीदार गत 10 मार्च को शव पड़े होने की सूचना मिली । ऐसे में तत्काल थाना प्रभारी प्रशांत राव आहेर अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे। मौके पर मृतक का साथी अजहर अली पिता शेख समरूद्दीन (63 वर्ष) सा. चउद्वार थाना रूतवा जिला माल्दा टाउन पश्चिम बंगाल हा.मु. ग्राम खम्हरिया श्याम ने बताया कि मृतक उसका साथी लखन उर्फ धरभईया चौधरी पिता बतासू (46 वर्ष) सा. नूतन कालोनी थाना कोतवाली जिला माल्दा टाउन पश्चिम बंगाल हाल मुकाम ग्राम खम्हरिया श्याम का किराया मकान में रहने वाला है। मृतक का शव खेत के मेड़ में पड़ा हुआ मिला। उसके मुंह, नाक, चेहरे गले एवं शरीर के अन्य हिस्सो में चोंट होने से मौके हत्या का अपराध कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया गया। सीन आफ क्राईम यूनिट (FSL) रायगढ़, डॉग स्क्वॉयड की मदद ली गई । घटना के संबंध में थाना तमनार में अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

        प्रारंभिक पूछताछ में इस प्रकरण का मुख्य साक्षी एवं रिपोर्टकर्ता अजहर अली जो स्वयं को प्रत्यदर्शी बता रहा था। उसने बताया कि गत 9 मार्च की रात में टावर के सामानों की चौकीदारी करते साथी लखन उर्फ धरभईया अलग-अलग तम्बू में ड्यूटी कर रहे थे। रात् करीब साढ़े 8 बजे खाना खाने के बाद तम्बू के बाहर अंधेरा में टावर की तरफ से कुत्ते की भौंकने की आवाज आने पर टार्च मारा तो देखा कि टावर से लगे रस्सी को एक आदमी टांगी से काट रहा था। उसे चिल्लाया बोला ये तुम रस्सी को क्यो काट रहे हो तब वह बोला ज्यादा बोलेगा तो खपट दूंगा तभी साथी लखन को 4-5 आदमी आये और पकड़ लिये। मना किया तो मुझे गाल में एक दो झापड़ मार दिये, ऐसे में अपनी जान बचाकर भागा और छिप गया। उसी दौरान वे लोग लखन को पकड़ कर ले जा रहे थे। झाड़ी में छिपकर घटना के बारे में (सुपरवाईजर) को बताया। दूसरे दिन यानी 10 मार्च की सुबह तम्बू के 5 – 6 सौ मीटर दूर में लखन का शव मिला। नाक, मुंह व उसके शरीर के अन्य हिस्सों में चोट थी। मेरे साथी लखन उर्फ धरभईया को अज्ञात व्यक्ति द्वारा किसी ठोस वस्तु से मारकर चोट पहुंचाते हुए हत्या कर दिया गया है।
                      वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन पर तमनार पुलिस द्वारा मृतक के परिवारजनों, दोस्तों उसके साथ काम करने वाले से पूछताछ कर हर पहलू पर जांच की जा रही थी। लगातार पुलिस आसपास के क्षेत्र के लोगों से पूछताछ करने पर दिनांक घटना को घटनास्थल पर आसपास किसी व्यक्तियों के आने जाने की जानकारी नहीं होना बताये। जबकि अजहर अली ने 4-5 व्यक्तियों के द्वारा घटना कारित करने की बात बताई थी। हर बार पूछताछ में अजहर अली अपना बयान बदल-बदल कर घटना के संबंध में नई नई बात बताने लगा। पोस्टमार्टम कर्ता डॉक्टर ने मामले को होमीसाइडल बताकर मृतक के मुंह में एक प्लास्टिक का टुकडा होना बताया। संभवत: जिस वस्तु से मृतक को चोट पहुंचायी गई थी, उसी का हिस्सा/टुकडा था। पुलिस ने इस ओर जांच बढ़ाई। पुलिस की जांच हर बार प्रार्थी अजहर अली पर जाकर रूक जाती। अब पुलिस ने वैज्ञनिक तरीकों से पूछताछ की तो अजहर ने घटना दिनांक समय को आरोपी की हत्या करना स्वीकार किया।
                        आरोपी अजहर अली ने अपने विस्तृत मेमोरंडम कथन में बताया कि घटना दिनांक को मृतक लखन चौधरी के साथ ड्यूटी करने के दौरान खाना बनाने की बात को लेकर लड़ाई झगड़ा में उसने मारपीट कर उसे जमीन पर गिरा दिया और अपने हाथ मे रखे टार्च से लगातार चेहरे पर मारकर चोट पहुंचाते हुए मृतक का गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने की नीयत से खून लगे टार्च को पानी से धोकर अपने पास रख लिया। हत्या के समय पहने हुए कपड़ों को जला दिया। टावर के पास लगे रस्सी को काटकर खुद पर संदेह न हो सोचकर अपने साथ काम करने वाले अन्य लोगों को झूठी कहानी बताकर अज्ञात 4-5 व्यक्ति द्वारा आकर स्वंय एवं मृतक के साथ मारपीट कर मृतक लखन उर्फ धरभईयां चौधरी को साथ लेकर चले गए हैं, बताया। अजहर के मेमोरंडम कथानुसार आरोपी के किराये के मकान में रखे हुए बैग से टार्च को गवाहों के समक्ष पेश किया जिसे जप्त किया गया है। इसी टार्च के प्लास्टिक का एक छोटा टुकडा मृतक के मुंह में मिला था। आरोपी के द्वारा हत्या की घटना घटित कर साक्ष्य छिपाना पाये जाने से प्रकरण में धारा 238 बीएनएस विस्तारित की गई।
प्रकरण के आरोपी अजहर अली शेख समीरुद्दीन उम्र 63 वर्ष निवासी ग्राम चउद्वार थाना पुखुरिया जिला मालदा पश्चिम बंगाल हाल मुकाम श्याम के किराया का मकान ग्राम खम्हरिया थाना तमनार को कल शाम गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजकर जेल दाखिल किया गया है।

    बहरहाल, एसएसपी शशिमोहन सिंह के दिशा निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी, एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन पर अंधेकत्ल का पटाक्षेप में थाना प्रभारी प्रशांत राव, सहायक उप निरीक्षक शशिदेव भोय, सुरीत लाल सिदार, प्रधान आरक्षक देवप्रसाद राठिया, हेमप्रकाश सोन, अनूप कुजूर आरक्षक पुष्पेन्द्र सिदार, पुरूषोत्तम सिदार एवं अन्य स्टाफ की अहम भूमिका रही है।

एसएसपी शशिमोहन सिंह का सख्त संदेश
रायगढ़ पुलिस के जांच विवेचना में दक्ष पुलिस अधिकारियों ने अपनी व्यवसायिक दक्षता का अच्छा प्रर्दशन किया है। कोई भी आरोपी अपराध कर बच नहीं सकता।

You may also like

Leave a Comment