किशोर दा की याद में सजी सुरों की महफिल, देर रात तक झूमते रहे श्रोता

by SUNIL NAMDEO
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रायगढ़ (सृजन न्यूज़)। समृद्ध कला-संस्कृति की नगरी रायगढ़ में गत 13 अक्टूबर को हिंदी फिल्मी दुनिया के मशहूर पार्श्वगायक किशोर कुमार को श्रद्धांजलि देने के लिये सुरों की महफ़िल का आयोजन किया गया। इस दौरान रौनक म्यूजिकल ग्रुप के संचालक किशोर दा फेम जितेंद्र केशरी एवं उनके सहयोगियों ने सधे हुए सुरों में एक से बढ़कर एक नगमों की प्रस्तुति दी। मंत्रमुग्ध श्रोताओं ने उन्हें खूब सराहा और आखिरी समय तक तालियां बजती रही।

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्य अतिथि सोशल फोरम ऑन ह्यूमन राइट्स के प्रदेश अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध मजदूर नेता गनपत चौहान ने किशोर दा के चित्र पर दीप जलाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर केशरी के अनेक मित्रों ने भी पुष्प अर्पित की। रायगढ़ के रेलवे स्टेशन चौक पर रविवार की रात पुण्यतिथि पर मशहूर पार्श्वगायक किशोर दा को उनके गाने गाकर श्रद्धांजलि दी गई।

क्या नजारे क्या सितारे थीम पर
ये दोस्ती हम नहीं छोड़ेंगे, जिंदगी की यही रीत है, एक हसीना थी एक दीवाना था,देखा ना हाय रे सोचा ना हाय रे, एक अजनबी हसीना से, अरे दीवानों मुझे पहचानों तथा शायरा के साथ हम बंजारों की बात मत पूछो जी, परदेशिया-परदेशिया से लेकर हम दीवाना दिल गाकर श्रोताओं का दिल जीत लिया।
फेम एक्स सब चैनल के सेलिब्रिटी राकेश शर्मा ने मेरे नैना सावन भादो गीत गाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। नये कलाकार आयुष्मान चौहान ने मेरे सपनों की रानी, ये जो मोहब्बत है तथा मुसाफिर गीत गाकर अपनी अमिट छाप छोड़ी। अनिल गुरुजी ने राजू चल राजू, आती रहेगी बहारें, भंवरों की गुंजन है मेरा गीत के अलावे जितेन्द्र के साथ बने चाहे दुश्मन गाया जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। नये कलाकारों में सतीश केसरी ने छूकर मेरे मन और विमल सरकार ने सायरा के साथ पिया तू अब तो आजा गीत पर साथ दिया। एक नये एंकर अजीत बाजपेयी ने अमीन सयानी की हूबहू आवाज निकालकर बिनाका गीत माला की याद दिला दी। वाद्ययंत्र बजाने वाले में ढोलक पेड में भीखू पात्रे, रंजन, कृष्णा और गिटार में शिवा तथा आर्गन में मुन्ना और पहली दफे बिलासपुर से पहुंचे बबलू गंधर्व ने भी आर्गन में भरपूर संगत की जिसकी लोगों ने सराहना की। साउण्ड सिस्टम में घन्नू ने भरपूर साथ दिया। राम, श्याम, परदेशी मिरी पूर्व पार्षद, संजय देवांगन पार्षद, पवन छड़ीमली, जयकुमार, रायदादा ने कार्यक्रम को सफल बनाने में साथ दिया। बेहतरीन एंकरिंग के जरिए मनेष कंकरवाल लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में भी कामयाब रहे।

जितेन्द्र केशरी के गुरू किशोर कुमार
पार्श्व गायक स्व. किशोर कुमार गांगुली जिन्हें किशोर दा के नाम से जाना जाता है। रायगढ़ शहर के जितेन्द्र केशरी एक एकलव्य की भांति उन्हें अपना आदर्श और गुरु मानते हैं। उन्होंने अपने सुरीले कंठ से किशोर दा की आवाज को सहज रुप से साध लिया है। उन्होंने लगातार सातवीं दफे उनकी जयंती पर स्टेशन चौक रायगढ़ में उनके गीतों को गाया।

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